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वाराणसी का नया क्रिकेट स्टेडियम: क्या बनेगा यह खेल का नया केंद्र?

वाराणसी में निर्मित नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जल्द ही क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक नया केंद्र बनने जा रहा है। BCCI की टीम अगले सप्ताह इस स्टेडियम का निरीक्षण करेगी, और यदि मंजूरी मिलती है, तो अंडर-19 मैचों का आयोजन किया जा सकता है। इस स्टेडियम का अनूठा डिज़ाइन और काशी की संस्कृति से जुड़ाव इसे खास बनाता है। जानें इस स्टेडियम की विशेषताएं और इसके संभावित लाभ।
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क्रिकेट की नई पहचान


नई दिल्ली: वाराणसी में निर्मित नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जल्द ही क्रिकेट जगत में अपनी जगह बनाने के लिए तैयार है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की एक टीम अगले सप्ताह इस स्थल का निरीक्षण करने आएगी। यदि बोर्ड से अनुमति मिलती है, तो यहां अंडर-19 स्तर के मैचों का आयोजन जल्द ही किया जा सकता है। अंग्रेजी समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।


BCCI की मंजूरी का इंतजार

यहां आधिकारिक मैचों की शुरुआत के लिए BCCI से NOC प्राप्त करना आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, बोर्ड की तकनीकी टीम अगले सप्ताह पिच, आउटफील्ड और अन्य सुविधाओं का मूल्यांकन करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। यूपी क्रिकेट एसोसिएशन का मानना है कि नई पिचों का परीक्षण करने के लिए यहां चल रहे अंडर-19 टूर्नामेंट के कुछ मैच स्थानांतरित किए जाने चाहिए। इससे पिचों के प्रदर्शन और मैदान की तैयारी का सही आकलन किया जा सकेगा।


शिव की प्रेरणा से बना स्टेडियम

इस स्टेडियम की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा डिज़ाइन है। लगभग 31 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसे काशी की संस्कृति के साथ जोड़ा गया है। यहां की फ्लडलाइट्स त्रिशूल के आकार की हैं, छत अर्धचंद्र के आकार की है, और मीडिया सेंटर को डमरू का रूप दिया गया है। इस स्टेडियम में 30,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। मैदान में अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम स्थापित किया गया है, जिससे तेज बारिश के बाद भी इसे केवल 30 मिनट में खेलने के लिए तैयार किया जा सकेगा।


पूर्वांचल के लिए नया अवसर

अब तक उत्तर प्रदेश में केवल कानपुर और लखनऊ ही प्रमुख मैचों के लिए स्थान थे। वाराणसी के जुड़ने से प्रदेश को तीसरा अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैदान मिल जाएगा। इसका सबसे अधिक लाभ पूर्वांचल और पड़ोसी बिहार के क्रिकेट प्रेमियों को होगा, जिन्हें अब बड़े मैच देखने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। यूपीसीए की योजना केवल अंडर-19 तक सीमित नहीं है; उनकी नजर अगले वर्ष होने वाली महिला प्रीमियर लीग पर भी है। यदि वाराणसी स्टेडियम BCCI के मानकों पर खरा उतरता है, तो यहां WPL के मैच भी आयोजित किए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस स्टेडियम की आधारशिला रखी थी, जिसमें सचिन तेंदुलकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रोजर बिन्नी और जय शाह भी शामिल थे।