Newzfatafatlogo

पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद लापता

कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद, पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह ग्लास्गो में अपने होटल से लापता हो गए हैं। यह घटना पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन के लिए एक नई चुनौती पेश करती है, क्योंकि यह पिछले चार वर्षों में गायब होने का तीसरा मामला है। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और पाकिस्तान के खेल प्रदर्शन के बारे में।
 | 

कुदरतुल्लाह का लापता होना

कॉमनवेल्थ गेम्स के समापन के बाद, पाकिस्तानी बॉक्सर कुदरतुल्लाह ग्लास्गो में अपने टीम होटल से गायब हो गए हैं। पाकिस्तान का दल अपने देश लौटने की तैयारी कर रहा था, तभी यह जानकारी सामने आई कि कुदरतुल्लाह लापता हैं। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, बॉक्सिंग फेडरेशन ने बताया कि उन्हें उनके कमरे में अंतिम बार रात 2 बजे देखा गया था।


गायब होने की जानकारी

जब पाकिस्तान का दल सुबह 9 बजे होटल की लॉबी में इकट्ठा हुआ, तब कुदरतुल्लाह के गायब होने की सूचना मिली। अधिकारियों ने उनके कमरे में जाकर उन्हें खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिले। यह भी बताया गया है कि कुदरतुल्लाह का पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास था, फिर भी वह होटल से बाहर निकलने में सफल रहे। इस घटना ने पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन (PBF) को फिर से सवालों के घेरे में ला दिया है, क्योंकि पहले भी पाकिस्तानी बॉक्सर्स विदेशी दौरों पर गायब हो चुके हैं।


पिछले चार वर्षों में तीसरी घटना

यह पहली बार नहीं है जब किसी पाकिस्तानी बॉक्सर का विदेशी दौरे पर गायब होने का मामला सामने आया है। पिछले चार वर्षों में यह तीसरी बार हुआ है। 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान, दो पाकिस्तानी बॉक्सर्स सुलेमान बलोच और नजीरउल्लाह खान बर्मिंघम में गायब हो गए थे। उस समय भी उनके पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास थे। इसके बाद, 2024 में इटली के बुस्टो अर्सिजियो में हुए वर्ल्ड ओलिंपिक क्वालिफायर के दौरान एशियन गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर जोहैब रशीद अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और कीमती सामान लेकर भाग गए थे।


पाकिस्तान का प्रदर्शन

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान ने 21 खिलाड़ियों का दल भेजा था, लेकिन उसे केवल एक ही मेडल मिला। बॉक्सर फातिमा जहरा ने विमेंस 60 किग्रा कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिससे वह कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली पाकिस्तानी बॉक्सर बनीं।


पाकिस्तान को ओलंपिक चैंपियन जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन वह पोडियम पर जगह नहीं बना सके। ग्लास्गो में पाकिस्तान का एक ब्रॉन्ज जीतना 1990 के कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन है।