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आर प्रज्ञानानंदा को तमिलनाडु सरकार से मिला 50 लाख रुपये का पुरस्कार

आर प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया और तमिलनाडु सरकार से 50 लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने उन्हें सम्मानित किया और उनके साथ चेस की बाजी भी खेली। प्रज्ञानानंदा ने इस टूर्नामेंट में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को हराकर एक नया इतिहास रचा। जानें उनकी यात्रा और इस उपलब्धि के बारे में।
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आर प्रज्ञानानंदा को तमिलनाडु सरकार से मिला 50 लाख रुपये का पुरस्कार

आर प्रज्ञानानंदा का सम्मान

भारत लौटने पर नॉर्वे चेस 2026 का खिताब जीतने वाले आर प्रज्ञानानंदा को तमिलनाडु सरकार ने 50 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने सोमवार, 8 जून को प्रज्ञानानंदा को चेक और एक मोमेंटो सौंपा।


चेस की बाजी और सम्मान समारोह

मुख्यमंत्री ने प्रज्ञानानंदा को सम्मानित करने के बाद उनके साथ चेस की एक बाजी भी खेली। इस समारोह में राज्य के उच्च अधिकारी, खेल प्राधिकरण के सदस्य और प्रज्ञानानंदा के माता-पिता भी मौजूद थे।


इतिहास रचने वाली जीत

20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा ने 5 जून को ओस्लो में नॉर्वे चेस का खिताब जीतकर एक नया इतिहास रचा। वह इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने इसे अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों में से एक, मैग्नस कार्लसन को हराना इस जीत को और भी खास बनाता है।


प्रज्ञानानंदा की शानदार खेल यात्रा

प्रज्ञानानंदा ने नॉर्वे चेस में विश्व नंबर-1 कार्लसन को दो बार हराया। वह एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराने वाले दूसरे भारतीय बने, इससे पहले विश्वनाथन आनंद ने 2007 में ऐसा किया था।


टूर्नामेंट की शुरुआत

हालांकि, प्रज्ञानानंदा की नॉर्वे चेस में शुरुआत अच्छी नहीं रही, लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट के दूसरे भाग में तेजी पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। उन्होंने कार्लसन के अलावा विश्व चैंपियन डी गुकेश को भी हराया। फाइनल राउंड में, उन्होंने जर्मनी के विन्सेंट कीमर को हराकर अपने अंकों की संख्या 18 तक पहुंचाई और प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की।