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भारत की युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने सानिया मिर्जा का रिकॉर्ड तोड़ा

भारत की युवा टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए ITF W35 टूर्नामेंट जीत लिया है। 17 साल की माया ने यह खिताब जीतकर न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है, बल्कि अपने पहले पेशेवर खिताब के साथ आत्मविश्वास भी हासिल किया है। जानें उनके सफर, जीत के जश्न और डबल्स में भी मिली सफलता के बारे में।
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माया राजेश्वरन की ऐतिहासिक जीत

भारत की उभरती टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 17 वर्षीय माया ने रविवार (12 अक्टूबर) को पुर्तगाल में आयोजित ITF W35 लागोस टूर्नामेंट में जीत हासिल की। राफेल नडाल अकादमी में प्रशिक्षण लेने वाली माया अब W35 स्तर का खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। पहले यह रिकॉर्ड सानिया मिर्जा के नाम था।


सानिया मिर्जा ने 2004 में 17 साल 10 महीने की उम्र में W35 स्तर का खिताब जीता था, जबकि माया ने 17 साल 3 महीने की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने विमेंस सिंगल्स के फाइनल में स्पेन की सीलिया सरविनो को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। यह माया का पहला पेशेवर खिताब है, और उन्होंने इस दौरान एक भी सेट नहीं गंवाया। पहले राउंड में उन्होंने शीर्ष वरीयता प्राप्त जस्टिना मिकुलस्काइट को हराकर अपने इरादे स्पष्ट कर दिए थे।


माया का आत्मविश्वास और जीत का जश्न

जीत से मिला आत्मविश्वास - माया


टूर्नामेंट जीतने के बाद माया ने कहा, 'यह तो बस शुरुआत है। यह मेरा पहला खिताब है। यह मेरे प्रोफेशनल करियर की शुरुआत के लिए अच्छा संकेत है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं अच्छी तरह से चुनौती पेश कर सकती हूं।'


उन्होंने यह भी बताया कि पहले सेट की जीत के बाद उन्होंने गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया था। माया ने कहा, 'मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा दबाव ले रही हूं। तनाव कम करने के लिए मैंने मन में गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया।'


डबल्स में भी माया की सफलता

माया ने डबल्स में भी जीता खिताब


माया ने यूक्रेन की येलीजावेटा कोट्लियार के साथ मिलकर डबल्स खिताब भी जीता। माया-कोट्लियार की जोड़ी ने फाइनल में मिन लियू और कार्लोटा मोचिया को 0-6, 6-2, 10-7 से हराया। पहले सेट में 0-6 से हारने के बाद, माया और कोट्लियार ने दूसरे सेट में वापसी की और इसे 6-2 से जीत लिया। इसके बाद निर्णायक सुपर टाईब्रेकर 10-7 से जीतकर खिताब अपने नाम किया।


माया का टेनिस सफर

8 साल की उम्र से टेनिस खेल रही हैं माया


तमिलनाडु के कोयंबटूर में जन्मी माया ने 8 साल की उम्र से टेनिस खेलना शुरू किया। उनके पिता ने उन्हें इस खेल से जोड़ा। स्पेन के मल्लोर्का में राफेल नडाल अकादमी में प्रशिक्षण लेने से पहले, उन्होंने भारत में शुरुआती कोचिंग ली। प्रो सर्व टेनिस एकेडमी में प्रशिक्षण के बाद, माया ने कई ITF जूनियर खिताब जीते। वर्तमान में, वह फ्रांस के कांस में एलीट टेनिस सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं।