WPL 2027 नीलामी: खिलाड़ियों की खरीदारी में टीमों की रणनीतियाँ
WPL 2027 की नीलामी में खिलाड़ियों की बोली
विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2027 के लिए आयोजित नीलामी में कुल 25 खिलाड़ियों की बोली लगाई गई। इनमें से केवल 3 खिलाड़ियों को उनके बेस प्राइस से अधिक राशि मिली। सभी 5 फ्रेंचाइजियों ने मिलकर 6.25 करोड़ रुपये खर्च किए। यूपी वॉरियर्स ने सबसे बड़े बजट के साथ नीलामी में भाग लिया और कई खिलाड़ियों को खरीदा। मुंबई इंडियंस के पास केवल 90 लाख रुपये बचे थे, जिसमें उसने 6 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), दिल्ली कैपिटल्स (DC) और गुजरात जायंट्स ने भी कई महत्वपूर्ण खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा है। आइए जानते हैं कि सभी टीमों ने नीलामी में कैसे प्रदर्शन किया।
गुजरात जायंट्स की खरीदारी
गुजरात जायंट्स ने नीलामी में 3 खिलाड़ियों पर बोली लगाई। उसने जी कामलिनी को 40 लाख रुपये में खरीदा, जबकि आयरलैंड की ओर्ला प्रेंडरगास्ट को 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। इसके अलावा, 16 साल की ऑलराउंडर समायरा राघवन के लिए 10 लाख रुपये की बोली लगाई गई। गुजरात जायंट्स के पास पहले से ही एक मजबूत स्क्वॉड था, इसलिए ये नए खिलाड़ी बैक-अप के रूप में देखे जा रहे हैं। बेथ मूनी और यास्तिका भाटिया जैसी विकेटकीपर्स के होते हुए कामलिनी पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने पर विशेषज्ञों ने आश्चर्य व्यक्त किया है।
यूपी वॉरियर्स की बड़ी बोली
यूपी वॉरियर्स ने WPL 2027 की सबसे बड़ी बोली लगाई, जिसमें उसने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिन्यू को 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा। यूपी वॉरियर्स के पास पहले से ही सोफी एकलेस्टोन जैसी स्पिनर हैं, इसलिए मोलिन्यू पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना फिजूलखर्ची माना जा रहा है, क्योंकि टीम को इनमें से किसी एक को ही खेलाना होगा। मेग लैनिंग और फीबी लिचफील्ड ओपनिंग करेंगी, जबकि ग्रेस हैरिस मिडिल ऑर्डर को मजबूत करेंगी। यदि मोलिन्यू और एकलेस्टोन दोनों को प्लेइंग-XI में रखा गया, तो ग्रेस हैरिस या फीबी लिचफील्ड में से किसी एक को बाहर रखना होगा, जिससे बल्लेबाजी कमजोर हो सकती है।
DC की विकेटकीपर की कमी
दिल्ली कैपिटल्स ने नीलामी में कोई विकेटकीपर नहीं खरीदा। उसने साउथ अफ्रीका की लिजेल ली को रिलीज कर दिया था, लेकिन फिर भी किसी विकेटकीपर के लिए बोली नहीं लगाई। अब उसे अनकैप्ड खिलाड़ी मदिवाला ममता को खेलाना पड़ सकता है, जो टीम के लिए नुकसानदायक हो सकता है। DC ने स्कॉटलैंड की लेफ्ट आर्म स्पिनर किर्स्टी गॉर्डन को खरीदा है, जिससे उसके पास 5 विदेशी खिलाड़ियों को प्लेइंग-XI में शामिल करने का विकल्प रहेगा। फ्रेंचाइजी ने किरण नवगिरे पर 75 लाख रुपये खर्च किए और उमा काशवी तथा नजमा खान को 10-10 लाख रुपये में खरीदा।
MI की कैप्ड विकेटकीपर की कमी
मुंबई इंडियंस, जो दो बार की चैंपियन है, ने सबसे छोटे बजट के साथ नीलामी में भाग लिया। उसे 90 लाख रुपये में 6 स्लॉट भरने थे। मुंबई इंडियंस ने 6 अनकैप्ड खिलाड़ियों को खरीदकर अपना स्क्वॉड पूरा कर लिया है, लेकिन उसे कैप्ड विकेटकीपर बल्लेबाज की कमी खल सकती है। उसने जी कामलिनी की कमी को पूरा करने के लिए श्वेता सहरावत और लतिका इनामदार पर दांव लगाया है, लेकिन देखना होगा कि ये अनकैप्ड विकेटकीपर्स टीम को कितना फायदा पहुंचा पाती हैं।
RCB की मजबूती
डिफेंडिंग चैंपियन RCB के पास पहले से ही एक मजबूत टीम थी, जिसमें स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, नडिन डी क्लर्क, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव और जॉर्जिया वॉल जैसी खिलाड़ी शामिल थीं। एलिस पेरी भी वापसी कर रही हैं। अब नीलामी में RCB ने जेस जॉनसन (40 लाख), क्लोई ट्रायॉन (30 लाख), तेजल हसबनीस (30 लाख) और वृंदा दिनेश (10 लाख) को खरीदकर अपनी टीम को और मजबूत बना लिया है।
