सुचिका तरियाल का एशियन गेम्स में निराशाजनक अनुभव: वजन के कारण फाइनल से चूकीं
विनेश फोगाट का दर्द फिर से ताजा
पेरिस ओलंपिक 2024 में विनेश फोगाट के डिस्क्वालिफिकेशन का दुख देशवासियों के दिलों में अभी भी ताजा है। विनेश ने विमेंस 50 किलोग्राम फ्री-स्टाइल रेसलिंग के फाइनल में पहुंचकर एक नया इतिहास रचा था। वह स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करने वाली थीं, लेकिन फाइनल से पहले उनका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया, जिसके कारण उन्हें प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया।
सुचिका का वजन बनी बाधा
अब जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। भारतीय मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) फाइटर सुचिका तरियाल के लिए 700 ग्राम अधिक वजन एक बड़ी समस्या बन गया।
सुचिका ने 21 सितंबर को विमेंस 60 किलोग्राम कैटेगरी के सेमीफाइनल में सिंगापुर की हुई हून टियो के खिलाफ ड्रॉ मुकाबला खेला, लेकिन कम वजन के आधार पर टियो को विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह सुचिका गोल्ड मेडल मैच में नहीं पहुंच सकीं और उन्हें ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा। यह एशियाड में MMA खेल में भारत का पहला पदक था।
सुचिका की भावनाएं
जब टियो को विजेता घोषित किया गया, तो सुचिका मैट पर फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने मुकाबले में शानदार वापसी की थी, लेकिन नियमों के आगे उन्हें हार माननी पड़ी। सेमीफाइनल मुकाबला बेहद करीबी रहा और समय समाप्त होने पर बराबरी पर खत्म हुआ। अंतिम क्षणों में टियो ने हमला किया, लेकिन मुकाबला खत्म होते ही सुचिका ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिरा दिया।
पहले राउंड में टियो का पलड़ा भारी रहा, लेकिन दूसरे राउंड में सुचिका ने जोरदार वापसी की। दोनों में से कोई भी स्पष्ट बढ़त नहीं बना सका, जिसके बाद मुकाबला एक अतिरिक्त राउंड में चला गया। सुचिका को लगा कि उन्होंने जीत के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है, जबकि मुकाबला खत्म होने के बाद टियो ने भी जीत का जश्न मनाया।
कोच का समर्थन
शुरुआत में मुकाबले का फैसला टियो के पक्ष में दिया गया था, लेकिन भारतीय टीम की चुनौती के बाद परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद विजेता का निर्णय दोनों खिलाड़ियों के सुबह के वजन के आधार पर किया गया। टियो को 2-0 से विजेता घोषित किया गया और वह फाइनल में पहुंच गईं। सुचिका इस फैसले से बेहद निराश थीं और उन्होंने तुरंत अपनी प्रतिद्वंद्वी या रेफरी से हाथ नहीं मिलाया। उनके कोच ने उन्हें सांत्वना दी।
भारतीय MMA फेडरेशन के अध्यक्ष निखिल कुंडे ने बताया, 'सुचिका के चुनौती देने के बाद मुकाबले का परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद सुबह के वजन के आधार पर विजेता का फैसला किया गया। सिंगापुर की खिलाड़ी का वजन सुचिका से करीब 700 ग्राम कम था, इसलिए वह फाइनल में पहुंच गई।'
मार्शल आर्ट्स की शुरुआत
हरियाणा की 36 वर्षीय सुचिका ने 12 साल की उम्र में सड़क पर उत्पीड़न का सामना करने के बाद मार्शल आर्ट्स की ओर रुख किया। इसके बाद वह कई मार्शल आर्ट्स विधाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली खिलाड़ी बनीं। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो और 2023 एशियन गेम्स में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
