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अजिंक्य रहाणे ने क्रिकेट से लिया संन्यास, सचिन तेंदुलकर ने दी शुभकामनाएं

भारतीय टेस्ट टीम के प्रमुख बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में सभी प्रारूपों से क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय लिया है। उनके संन्यास की घोषणा के बाद, क्रिकेट जगत से उन्हें अनेक शुभकामनाएं मिली हैं, जिसमें महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का फोन कॉल भी शामिल है। रहाणे ने अपने करियर के अंत को लेकर भावनाओं को साझा किया और कहा कि उन्होंने यह निर्णय पूरी सोच-समझकर लिया है। जानें रहाणे के संन्यास के पीछे की कहानी और उनके अनुभव।
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अजिंक्य रहाणे का संन्यास

डिजिटल डेस्क। भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे अजिंक्य रहाणे ने हाल ही में सभी प्रारूपों से क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय लिया। विशेष रूप से विदेशी दौरे पर कठिन पिचों और तेज गेंदबाजों के खिलाफ उनकी बल्लेबाजी को टीम की एक बड़ी ताकत माना जाता था। उनके संन्यास की घोषणा के बाद, क्रिकेट जगत से उन्हें अनेक शुभकामनाएं मिल रही हैं।

रहाणे ने एक साक्षात्कार में बताया कि जब उन्होंने संन्यास की घोषणा की, तो सबसे पहले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने उन्हें फोन किया। सचिन ने रहाणे के निर्णय पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि रहाणे और मैच खेलेंगे। रहाणे ने सचिन को बताया कि वह बिना किसी पछतावे के क्रिकेट को छोड़ रहे हैं और अपने करियर को अनावश्यक रूप से खींचना नहीं चाहते थे।

रहाणे ने यह भी बताया कि सचिन के अलावा इरफान पठान ने भी उनसे फोन पर बात की। इसके अलावा, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह ने उन्हें संदेश भेजकर उनके करियर और योगदान की सराहना की।

संन्यास लेना रहाणे के लिए आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपना रिटायरमेंट वीडियो रिकॉर्ड किया, तो वह काफी भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए। परिवार के साथ इस निर्णय पर चर्चा करते समय भी वह भावुक थे, लेकिन वीडियो बनाते समय उन्हें नहीं पता था कि उनकी भावनाएं इस तरह प्रकट होंगी।

रहाणे ने कहा कि उस पल उन्हें गहराई से एहसास हुआ कि जिस खेल से उन्होंने वर्षों तक प्यार किया, अब वह बतौर खिलाड़ी दोबारा मैदान पर नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, इन भावनाओं के बावजूद, उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी सोच-समझकर लिया है और उन्हें अपने संन्यास पर कोई पछतावा नहीं है।