अजीत अगरकर का इस्तीफा: मुंबई क्रिकेट में उठे विवाद के पीछे की कहानी
मुख्य चयनकर्ता का इस्तीफा
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम आज शाम (रविवार 19 जुलाई) को इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला का अंतिम मुकाबला खेलने जा रही है। दूसरे मैच के बाद यह खबर आई थी कि रोहित शर्मा इस मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले हैं। चयनकर्ताओं ने उन्हें सूचित किया है कि वह अब वनडे टीम का हिस्सा नहीं रहेंगे। इस सूचना के बाद क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। बीसीसीआई को इस पर प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कार्यकाल में यह घटनाक्रम देखते हुए यह संभव प्रतीत होता है। उनके कड़े निर्णयों के कारण ही उन्हें मुंबई रणजी टीम के मुख्य चयनकर्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा था.
मुंबई क्रिकेट में इस्तीफे का विवाद
2019 में मुंबई क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण घटना हुई थी। घरेलू क्रिकेट सीजन समाप्त होने के तुरंत बाद, अजीत अगरकर ने अपने चयन पैनल के साथ अचानक इस्तीफा दे दिया था। उनके साथ पूर्व भारतीय स्पिनर नीलेश कुलकर्णी, पूर्व विकेटकीपर सुनील मोरे और चयनकर्ता रवि ठक्कर ने भी अपने पद छोड़े। इस सामूहिक इस्तीफे ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) में हंगामा खड़ा कर दिया।

उस समय, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की विशेष आम बैठक में चयन समिति को हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। चयन प्रक्रिया और कुछ निर्णयों को लेकर समिति पर सवाल उठाए गए थे। मामला MCA की एड-हॉक कमेटी और क्रिकेट इम्प्रूवमेंट कमेटी (CIC) तक पहुंचा। CIC ने चयनकर्ताओं का समर्थन किया, लेकिन विवाद बढ़ता रहा।
अगरकर की टीम के इस्तीफे की वजह
मुंबई रणजी टीम की चयन समिति ने कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को बिना चर्चा के टीम से बाहर कर दिया था। इन विवादास्पद निर्णयों के बाद समिति के कामकाज पर सवाल उठने लगे। रिपोर्टों के अनुसार, चयन समिति के सदस्यों को लगा कि उनके कामकाज पर सार्वजनिक सवाल उठने से उनकी गरिमा प्रभावित हो रही है। क्रिकेट प्रशंसकों और पूर्व क्रिकेटरों ने अगरकर की टीम के निर्णयों पर सवाल उठाए। इससे यह स्पष्ट हो गया कि चयन समिति को बर्खास्त किया जाएगा। इसलिए, उन्होंने बर्खास्तगी का इंतजार करने के बजाय सामूहिक रूप से इस्तीफा देना उचित समझा। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि अजीत अगरकर ने अपने इस्तीफे में व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख किया था।
अगरकर के इस्तीफे के बाद की स्थिति

अगरकर के इस्तीफे के बाद मामला और गरम हो गया। क्रिकेट इम्प्रूवमेंट कमेटी (CIC) के सदस्य अमोल मजूमदार और साहिल कुकरेजा ने भी चयनकर्ताओं के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका मानना था कि पूर्व क्रिकेटरों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। यह विवाद मुंबई क्रिकेट तक सीमित रहा। बाद में, अजीत अगरकर की क्रिकेट प्रशासन में वापसी हुई। जुलाई 2023 में उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम की वरिष्ठ चयन समिति का मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि मुंबई क्रिकेट में हुए विवाद का उनके राष्ट्रीय करियर पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा।
