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अनाहत सिंह ने जीता वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब

अनाहत सिंह ने 2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीता। यह जीत उन्हें भारत की पहली जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनाती है। पीएम मोदी और पीवी सिंधु ने उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी है। अनाहत का पूरा टूर्नामेंट शानदार रहा, जिसमें उन्होंने केवल दो गेम गंवाए। यह उपलब्धि भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद लेकर आई है, खासकर जब स्क्वैश को 2028 ओलंपिक में शामिल किया गया है।
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भारतीय स्क्वैश का ऐतिहासिक क्षण


भारतीय स्क्वैश के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन रहा। कनाडा में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में अनाहत सिंह ने गर्ल्स सिंगल्स का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ, वह भारत की पहली खिलाड़ी बन गईं, जिन्होंने जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।


फाइनल में अनाहत का शानदार प्रदर्शन

18 वर्षीय अनाहत सिंह ने फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकैया सलेम को सीधे गेमों में 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराया। मैच के दौरान, अनाहत ने शुरुआत से ही अपने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और अपनी तेज़ी, सटीक शॉट्स और आत्मविश्वास से विरोधी पर दबाव डाला। इस जीत के साथ, उन्होंने भारत को पहली बार वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब दिलाया। इससे पहले, जोशना चिनप्पा ने 2005 में रनर-अप बनकर भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था, जिसे अब अनाहत ने पीछे छोड़ दिया है।


पीएम मोदी और अन्य ने दी बधाई

इस अद्भुत उपलब्धि पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, "2026 वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। गोल्ड मेडल जीतने और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनने पर अनाहत सिंह पर गर्व है। यह उपलब्धि युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी।" वहीं, पीवी सिंधु ने भी अनाहत को बधाई देते हुए कहा, "मुझे इस युवा चैंपियन, अनाहत सिंह पर गर्व है! यह तो बस शुरुआत है।"


पूरे टूर्नामेंट में अनाहत का प्रदर्शन

अनाहत का पूरा टूर्नामेंट शानदार रहा। उन्होंने छह मुकाबलों में केवल दो गेम गंवाए और शुरुआती तीन मैच बिना कोई गेम हारे जीते। क्वार्टर फाइनल में, उन्होंने मिस्र की हबीबा रिजक को 3-1 से हराया और सेमीफाइनल में बारब सामेह को भी 3-1 से मात दी। फाइनल में एक और मिस्र की खिलाड़ी को हराकर उन्होंने अपना सफर सुनहरे अंदाज में समाप्त किया। इस जीत के साथ, लड़कियों के जूनियर वर्ल्ड खिताब पर 2011 से मिस्र का कब्जा भी टूटा।


भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद

इस बार गर्ल्स सिंगल्स में अनाहत भारत की सबसे सफल खिलाड़ी रहीं। दूसरी ओर, अनिका दुबे, सान्वी कलंकी और रुद्रा सिंह शुरुआती दौर में बाहर हो गईं। बॉयज वर्ग में आर्यवीर दीवान अंतिम 16 तक पहुंचे और भारत की ओर से सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। अनाहत की यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब स्क्वैश को लॉस एंजेलेस 2028 ओलंपिक में शामिल किया गया है।