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अर्जेंटीना की जीत के बाद विवाद: फीफा विश्व कप 2026 में बैनर लहराने पर उठे सवाल

फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन जश्न के दौरान लहराए गए बैनर ने विवाद खड़ा कर दिया। जियोवानी लो सेल्सो द्वारा फाकलैंड द्वीप समूह से जुड़े बैनर को लेकर खिलाड़ियों के आचरण पर सवाल उठ रहे हैं। उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल के बयान ने इस मुद्दे को और राजनीतिक रंग दे दिया है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और फीफा के संभावित निर्णय के बारे में।
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अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई


फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर अर्जेंटीना ने फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि, इस जीत के बाद का जश्न विवाद का कारण बन गया है।


बैनर लहराने से बढ़ा विवाद

अर्जेंटीना के मिडफील्डर जियोवानी लो सेल्सो ने फाकलैंड द्वीप समूह से संबंधित एक बैनर लहराया, जिसे अर्जेंटीना माल्विनास के नाम से जानता है। इस घटना के बाद खिलाड़ियों के आचरण पर सवाल उठने लगे हैं और संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई की चर्चा भी तेज हो गई है।


फीफा और IFAB के नियमों का संदर्भ

फुटबॉल के नियमों के अनुसार, मैच के दौरान किसी भी राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश का प्रदर्शन निषिद्ध है। आईएफएबी की नियमावली स्पष्ट करती है कि ऐसे संदेश दिखाने पर संबंधित खिलाड़ी या टीम के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


उपराष्ट्रपति का बयान और विवाद की गहराई

अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया विलारुएल ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा कि माल्विनास हमेशा अर्जेंटीना का हिस्सा रहेंगे। उनके बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है और इसे राजनीतिक रंग भी दे दिया है।


फाकलैंड और माल्विनास का विवाद

फाकलैंड द्वीप समूह, जो दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित एक ब्रिटिश विदेशी क्षेत्र है, को अर्जेंटीना माल्विनास कहता है। इस क्षेत्र की संप्रभुता को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है, जो 1982 में युद्ध का कारण भी बना था।


फीफा के निर्णय का इंतजार

अर्जेंटीना की जीत के बाद यह विवाद चर्चा का विषय बन गया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसे नियमों का उल्लंघन माना गया, तो संबंधित खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, फीफा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक निर्णय नहीं आया है।