आर प्रज्ञानंद ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज 2026 का खिताब जीता
प्रज्ञानंद की शानदार जीत
भारतीय शतरंज के युवा ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने यह उपलब्धि टूर्नामेंट के एक राउंड पहले ही सुनिश्चित कर दी। 20 वर्षीय प्रज्ञानंद की इस जीत को शतरंज की दुनिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर फिर से पहचान दिलाई है।
टूर्नामेंट का रोमांच
यह प्रतियोगिता पांच दिनों तक चली, जिसमें प्रज्ञानंद ने शुरुआत से ही अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। उन्होंने लगातार बढ़त बनाई और अंतिम राउंड से पहले ही यह स्पष्ट कर दिया कि खिताब उनके नाम होगा। उन्हें उज्बेकिस्तान के ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव से कड़ी चुनौती मिली, जो पूरे टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रहे।
ड्रॉ से मिली जीत की पुष्टि
टूर्नामेंट के अंतिम राउंड से पहले प्रज्ञानंद और सिंदारोव के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा। इस परिणाम के बाद प्रज्ञानंद की बढ़त इतनी हो गई कि उन्होंने एक राउंड बाकी रहते ही खिताब पक्का कर लिया। सिंदारोव ने उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन वह 1.5 प्वाइंट पीछे रह गए।
प्रज्ञानंद का प्रदर्शन
प्रज्ञानंद ने रैपिड राउंड में भी बेहतरीन खेल दिखाया। नौ राउंड के बाद, वह 12 प्वाइंट के साथ सबसे आगे थे। हालांकि, अंतिम राउंड में उन्हें जॉर्डन वान फॉरेस्ट के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी बढ़त बरकरार रही। ब्लिट्ज मुकाबलों में भी उन्होंने अपनी स्थिति मजबूत रखी और पहले दिन अपराजित रहे।
प्रज्ञानंद की प्रतिक्रिया
खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानंद ने कहा कि अंतिम स्कोर भले ही आसान दिखता हो, लेकिन असल में मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने सिंदारोव के खेल की सराहना की और कहा कि उन्होंने अंतिम समय तक रोमांच बनाए रखा।
इनाम की राशि
इस जीत के साथ प्रज्ञानंद को 50,000 अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 41 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। इसके अलावा, उन्हें 13 ग्रैंड चेस टूर प्वाइंट भी मिले हैं, जिससे वह 2026 की ओवरऑल ग्रैंड चेस टूर रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। अब उनकी नजर अगले बड़े टूर्नामेंट, सिंकफील्ड कप पर है, जो 10 अगस्त से शुरू होगा।
