इंग्लैंड ने पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में 3-0 से हराया, अनोखा बल्लेबाजी रिकॉर्ड बना
पाकिस्तान के लिए निराशाजनक टेस्ट सीरीज का अंत
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हाल ही में संपन्न टेस्ट सीरीज पाकिस्तान के लिए बेहद निराशाजनक रही। इंग्लैंड ने सभी तीन मैच जीतकर सीरीज पर 3-0 से कब्जा कर लिया। हालांकि, इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चा परिणाम से ज्यादा एक अनोखे बल्लेबाजी रिकॉर्ड के इर्द-गिर्द घूम रही है। तीन टेस्ट मैचों में बल्लेबाजों ने मिलकर 20 अर्धशतक बनाए, लेकिन कोई भी खिलाड़ी शतक तक नहीं पहुंच सका। यह 149 साल के टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ है कि किसी तीन मैचों की सीरीज में ऐसा देखने को मिला।
149 साल में पहली बार बना ऐसा रिकॉर्ड
इस सीरीज में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कई शानदार पारियां खेलीं, लेकिन 100 रन का आंकड़ा किसी के लिए भी छूना संभव नहीं हो सका। इस दौरान कुल 20 अर्धशतक बने। इससे पहले, 1993 में पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच एक टेस्ट सीरीज में 18 अर्धशतक बने थे, लेकिन कोई शतक नहीं बन सका था। इसी तरह, 1969 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच भी ऐसा हुआ था, जब 9 अर्धशतक के बावजूद कोई शतक नहीं बना था।
सऊद शकील शतक के सबसे करीब पहुंचे
पाकिस्तान की ओर से सऊद शकील ने सीरीज में सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने लॉर्ड्स टेस्ट की चौथी पारी में 97 रन बनाए और महज 3 रन से शतक चूक गए। उनकी इस पारी ने एक खास रिकॉर्ड भी बनाया, क्योंकि शकील लॉर्ड्स में टेस्ट की चौथी पारी में पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए।
शान मसूद और हैरी ब्रूक भी शतक से चूके
पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट कप्तान शान मसूद ने बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट की पहली पारी में 95 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से हैरी ब्रूक ने 91 रन की पारी खेली। इसके अलावा, जो रूट जैसे अनुभवी बल्लेबाज भी शतक नहीं बना सके। रूट ने पांच पारियों में दो अर्धशतक बनाए। दिलचस्प बात यह है कि वह टेस्ट में सर्वाधिक अर्धशतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ चुके हैं।
72 साल बाद इंग्लैंड में क्लीन स्वीप
सीरीज में 3-0 की हार ने पाकिस्तान के नाम एक और खराब रिकॉर्ड जोड़ दिया। इंग्लैंड की धरती पर पाकिस्तान 72 साल बाद किसी टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप हुआ है। पाकिस्तान ने 1954 में इंग्लैंड के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज खेली थी। इसके बाद से वह इंग्लैंड में किसी सीरीज के सभी मुकाबले नहीं हारा था, लेकिन इस बार तीनों मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा।
