Newzfatafatlogo

इमाम-उल-हक की चोट पर पाकिस्तान क्रिकेट में हंगामा, बैन की संभावना

पाकिस्तान क्रिकेट में इमाम-उल-हक की चोट ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इंग्लैंड दौरे पर मिली हार के बाद, उनकी चोट की जांच की जा सकती है। यदि वे दोषी पाए गए, तो उन्हें 1 से 2 साल का बैन झेलना पड़ सकता है। जानें इस मामले में क्या कुछ नया सामने आया है और क्यों सोशल मीडिया पर इस पर चर्चा हो रही है।
 | 

पाकिस्तान क्रिकेट में उथल-पुथल

पाकिस्तान क्रिकेट में इस समय गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। जब भी टीम किसी दौरे पर हारती है, तो क्रिकेट बोर्ड में हंगामा मच जाता है। हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर मिली लगातार दो हार ने एक बार फिर से देश में हलचल पैदा कर दी है। कोचिंग स्टाफ से लेकर खिलाड़ियों तक पर कार्रवाई की गई है। टीम के प्रमुख बल्लेबाज इमाम-उल-हक भी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दौरे के बीच पाकिस्तान वापस भेजा गया है। उनकी स्थिति अब और भी गंभीर होती जा रही है।


इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के दौरान चोटिल होने के बाद, इमाम-उल-हक की चोट की जांच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा की जा सकती है। सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई किस्से सामने आ रहे हैं। पूर्व चयनकर्ता ने बिना नाम लिए उनकी चोट को लेकर बहाने बनाने की बात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमाम के खिलाफ सख्त जांच चल रही है। यदि वे दोषी पाए गए, तो उन्हें 1 से 2 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बैन किया जा सकता है।


इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला गया था। इमाम को मैच के पहले दिन पिंडली में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें मैच से बाहर कर दिया गया। जब टीम को उनकी आवश्यकता थी, तब वे ड्रेसिंग रूम में बैठकर मैच का आनंद लेते नजर आए। पाकिस्तान को इस मुकाबले में 194 रन से हार का सामना करना पड़ा और टीम ने श्रृंखला भी 0-2 से गंवा दी।


चोट पर उठे सवाल

इमाम-उल-हक लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे थे। मैच के चौथे दिन उन्हें पिंडली पर पट्टी बांधकर बल्लेबाजी प्रैक्टिस करते देखा गया। इस पर पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर स्टुअर्ट ब्रॉड और डेविड वॉर्नर ने उनकी चोट पर सवाल उठाए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कहा जाने लगा कि उन्होंने पहले भी तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर चोट का बहाना बनाया था। चोट से संबंधित पुरानी कथित घटनाओं की चर्चा भी होने लगी।