एशियन गेम्स 2026: भारतीय एथलेटिक्स टीम के वीजा में देरी से बढ़ी चिंता
एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों में तेजी
जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। भारतीय दल के अधिकांश एथलीट जापान पहुंच चुके हैं और प्रतियोगिता से पहले वहां के मौसम और माहौल के अनुकूल ढलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, 74 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम के चार से पांच खिलाड़ियों का वीजा अभी तक स्वीकृत नहीं हुआ है, जिससे टीम की चिंताएं बढ़ गई हैं। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को उम्मीद है कि यह समस्या जल्द हल हो जाएगी।
वीजा में देरी से उत्पन्न समस्याएं
भारतीय एथलेटिक्स टीम के कुछ सदस्यों के वीजा आवेदन अब भी प्रक्रिया में हैं। सूत्रों के अनुसार, चार से पांच खिलाड़ियों को अभी तक वीजा नहीं मिला है। एएफआई के अधिकारी इस मामले के शीघ्र समाधान के प्रति आशान्वित हैं। यदि आवश्यक हुआ, तो फेडरेशन खिलाड़ियों की सहायता के लिए सरकार से संपर्क कर सकता है। वीजा प्रक्रिया में देरी को समय पर सुलझाना आवश्यक है, क्योंकि एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं 23 सितंबर से शुरू होने वाली हैं।
पासपोर्ट से जुड़ी समस्याएं
रिपोर्टों के अनुसार, वीजा और पासपोर्ट सेवाओं से संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी VFS ने आवेदन के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त रखी है। कंपनी का कहना है कि आवेदन उसी स्थान पर किया जाना चाहिए, जहां संबंधित पासपोर्ट जारी हुआ है। इसी कारण कुछ खिलाड़ियों के वीजा में देरी हो रही है। हालांकि, AFI को विश्वास है कि खिलाड़ियों की यात्रा में अधिक समस्याएं नहीं आएंगी।
कम समय में कैंप में शामिल होना
वीजा में देरी का असर खिलाड़ियों की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। जो एथलीट समय पर जापान नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें टोक्यो के पास चल रहे अक्लिमेटाइज़ेशन कैंप में कम समय मिल सकता है। कुछ खिलाड़ी सीधे नागोया जाकर बाकी टीम के साथ जुड़ सकते हैं, जिससे उन्हें स्थानीय माहौल और मौसम के अनुकूल होने के लिए अपेक्षाकृत कम समय मिलेगा।
अन्य टीम सदस्यों की तैयारी जारी
भारतीय टीम के अधिकांश एथलीट टोक्यो के पास स्थित सुकुबा यूनिवर्सिटी पहुंच चुके हैं। वहां उनका प्रशिक्षण कैंप 20 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद टीम एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं से दो दिन पहले नागोया के लिए रवाना होगी। मुकाबलों की शुरुआत 23 सितंबर से होनी है, इसलिए वीजा का इंतजार कर रहे खिलाड़ियों के लिए हर दिन महत्वपूर्ण है। टीम और AFI की नजर अब जल्द समाधान पर है।
