कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन और कुछ निराशाजनक पल
भारत का शानदार प्रदर्शन
ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस 11 दिन की प्रतियोगिता में भारत ने 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में भारत ने सबसे अधिक 10-10 पदक हासिल किए। भारतीय बॉक्सरों ने उम्मीद के अनुसार 7 स्वर्ण पदक जीते, जो किसी एक कॉमनवेल्थ गेम्स में एक रिकॉर्ड है।
एथलेटिक्स और अन्य खेलों में प्रदर्शन
हालांकि एथलेटिक्स में भारत ने कई पदक जीते, लेकिन स्वर्ण पदक नहीं मिल सका। नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो के फाइनल में दूसरे स्थान पर रहे। वेटलिफ्टिंग में भारत ने 8 पदक जीते, जिसमें मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीतकर CWG टाइटल की ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी की। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। पैरा एथलीट्स ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया।
पैरा एथलीट्स का प्रदर्शन
पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने ग्लास्गो में भारत के लिए पहला पदक जीता। पैरा एथलेटिक्स में भी भारत ने कई पदक जीते। हालांकि, कुछ खेलों में भारत को निराशा का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं कि किन खेलों में भारत को पदक नहीं मिल सके।
3x3 बास्केटबॉल
महिला व्हीलचेयर बास्केटबॉल टीम ने इस खेल में क्वालिफाई किया था, लेकिन 4 सदस्यीय टीम पदक नहीं जीत सकी। फिर भी, यह ऐतिहासिक था क्योंकि यह पहली बार था जब कोई भारतीय पैरा स्पोर्ट्स टीम कॉमनवेल्थ गेम्स में उतरी। वे अपने ग्रुप में अंतिम स्थान पर रहे, जिसमें स्कॉटलैंड, वेल्स और नाइजीरिया की टीमें थीं।
आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक
भारत ने इस खेल के लिए 8 खिलाड़ियों को भेजा, लेकिन कोई पदक नहीं मिला। केवल तपन मोहंती और प्रतिष्ठा सामंत ही फाइनल तक पहुंच सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रणति नायक चोट के बावजूद खेली, जिससे चयन पर सवाल उठे। जिमनास्टिक्स में भारत का आखिरी CWG पदक 2014 में आया था।
लॉन बॉल्स
भारत की 6 सदस्यीय लॉन बॉल्स टीम एक करीबी मुकाबले में पदक से चूक गई। महिला जोड़ी रूपा रानी टिर्की और पिंकी सिंह इंग्लैंड को बाहर करने से एक बॉल दूर थीं, लेकिन चूक गईं। इंग्लैंड की टीम बाद में चैंपियन बनी। इसी तरह, पुरुष पेयर्स टीम भी इंग्लैंड के खिलाफ टाई-ब्रेक में हार गई।
स्वीमिंग
भारतीय तैराकों से ज्यादा उम्मीदें नहीं थीं, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के तैराक मेडल के प्रमुख दावेदार थे। भारतीय तैराकों का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
नेटबॉल
भारत की कोई टीम नेटबॉल में नहीं उतरी थी।
