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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास, 23 साल का करियर समाप्त

क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने 23 साल के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल करियर का समापन करते हुए संन्यास की घोषणा की है। पुर्तगाल के लिए 234 मैचों में 146 गोल करने वाले रोनाल्डो ने अपने करियर की उपलब्धियों और संघर्षों को साझा किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा है। जानें उनके संन्यास के पीछे की कहानी और भावनाएं।
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रोनाल्डो का संन्यास और करियर का समापन


पुर्तगाल के महान फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से अपने संन्यास की घोषणा की, जिससे उनके 23 साल के शानदार करियर का अंत हो गया। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपने देश के लिए 234 मैच खेले और 146 गोल किए, जो उन्हें अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पुरुष खिलाड़ियों के बीच सबसे अधिक गोल करने वाला खिलाड़ी बनाता है।


अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत और उपलब्धियां

रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय सफर यूरो 2004 से पहले शुरू हुआ था। उन्होंने छह फीफा वर्ल्ड कप में भाग लिया और पुर्तगाल को यूरोपीय चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संन्यास को पुर्तगाली फुटबॉल के एक महत्वपूर्ण युग का अंत माना जा रहा है।


कोच के साथ विवाद के बाद लिया गया निर्णय

रोनाल्डो का यह निर्णय पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस के साथ विवाद के बाद आया। पिछले महीने नेशंस लीग के एक मैच में कोच ने उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया, जिससे नाराज होकर रोनाल्डो ने टीम के ट्रेनिंग कैंप से बाहर जाने का निर्णय लिया।


अगली पीढ़ी को सौंपेंगे नंबर 7 की जर्सी

संन्यास की घोषणा करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह टीम की प्रतिष्ठित नंबर 7 जर्सी अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को सौंपेंगे।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने कहा, "पुर्तगाल के लोगों, अब राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी लौटाने का समय आ गया है। मैंने इसे कभी सिर्फ अपनी जर्सी नहीं माना, लेकिन 23 साल तक इसे पहनना और अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात रही।"


जीत और हार की यादें

अपने करियर को याद करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि उन्हें कई यादगार जीत मिलीं, लेकिन कुछ हार भी ऐसी थीं जिन्हें याद करना कठिन है। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार वह अपने देशवासियों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।


उन्होंने कहा, "कुछ जीतें ऐसी थीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, और कुछ हार ऐसी थीं जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल है। मैंने गलतियां कीं और कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी।"


सभी का आभार

रोनाल्डो ने अपने लंबे करियर में साथ देने वाले खिलाड़ियों, कोचों, मेडिकल टीम और अन्य कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कई लोग कैमरे के सामने नहीं आए, लेकिन उनके योगदान के बिना ये उपलब्धियां संभव नहीं होतीं।


उन्होंने अपने परिवार का भी विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके व्यस्त कार्यक्रम और त्यागों को समझा।


पुर्तगाल से रिश्ता हमेशा रहेगा

संन्यास के बावजूद, रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि उनका पुर्तगाल से रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रीय टीम के साथ अपने सफर को गर्व के साथ समाप्त कर रहे हैं।


उन्होंने कहा, "आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ अपना सफर समाप्त कर रहा हूं। मुझे गर्व है कि मैंने पुर्तगाल के लिए अपना सब कुछ दिया।"


प्रशंसकों का धन्यवाद

अपने संदेश के अंत में, रोनाल्डो ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि दुनिया के सबसे अच्छे देश का प्रतिनिधित्व करना है। उन्होंने प्रशंसकों को 23 साल तक विश्वास बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया।