गुरिंदरवीर सिंह का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन
गुरिंदरवीर सिंह की शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन उनका सफर पहले ही राउंड में समाप्त हो गया। उन्होंने अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सके।
दूसरे स्थान पर रहने के बावजूद बाहर क्यों?
ग्लासगो में आयोजित पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में कुल 76 धावकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को 11 अलग-अलग हीट में बांटा गया था। पहले से सात धावकों को सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिल चुका था। बाकी 17 स्थानों के लिए सभी हीट में दौड़ने वाले खिलाड़ियों के समय की तुलना की गई। गुरिंदरवीर ने अपनी हीट में 10.39 सेकंड का समय निकाला, लेकिन यह टॉप-17 में शामिल नहीं हो सका। वह कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे। अंतिम क्वालिफाई करने वाले धावक बारबाडोस के कुरोन ग्रिफिथ थे, जिन्होंने 10.24 सेकंड का समय निकाला।
राष्ट्रीय रिकॉर्ड से पीछे रहे
गुरिंदरवीर सिंह से इस प्रतियोगिता में काफी उम्मीदें थीं। उन्होंने इस साल मई में रांची में फेडरेशन कप में 10.09 सेकंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह 10 सेकंड की बाधा तोड़ने के बेहद करीब थे, लेकिन कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उन्होंने अच्छी शुरुआत की और शुरुआती मीटरों में जमैका के रोहन वॉटसन के साथ बने रहे, लेकिन अंतिम हिस्से में उनकी गति कम हो गई।
मौसम और प्रतिस्पर्धा का प्रभाव
ग्लासगो का मौसम भी खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण था। ठंड और बारिश ने ट्रैक की स्थिति को कठिन बना दिया। हालांकि दौड़ के दौरान पीछे से हवा का लाभ मिला, लेकिन गुरिंदरवीर इसका पूरा फायदा नहीं उठा सके। दूसरी ओर, घाना के बेंजामिन अजामाती ने 10.00 सेकंड और अब्दुल-रशीद सामिनु ने 10.01 सेकंड का शानदार समय निकाला। ऐसे कड़े मुकाबले में 10.39 सेकंड की टाइमिंग काफी नहीं थी। भारत के लिए यह परिणाम निराशाजनक रहा, लेकिन गुरिंदरवीर के पास भविष्य के बड़े टूर्नामेंट में वापसी का अवसर रहेगा।
