गौतम गंभीर और शुभमन गिल के बीच मतभेद: क्या है सच?
कोच और कप्तान के बीच मतभेद
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में कोच गौतम गंभीर और खिलाड़ियों के बीच मतभेदों की चर्चा इन दिनों बढ़ गई है। रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद अब शुभमन गिल के साथ भी मतभेदों की खबरें सामने आई हैं। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट के ड्रॉ होने के बाद भारतीय टीम के निर्णयों पर नई बहस छिड़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य कोच और कप्तान के बीच रणनीति को लेकर असहमति थी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि गंभीर ने कई मौकों पर गिल के निर्णयों को नजरअंदाज किया, जिसका असर मैच के परिणाम पर पड़ सकता था.
कोलंबो टेस्ट का नतीजा
कोलंबो टेस्ट के अंतिम दिन भारत के पास मैच जीतने का सुनहरा अवसर था, लेकिन यह चूक गया। 229 रन पर 6 विकेट से आगे बढ़ते हुए, मेज़बान टीम ने 429 रन बना दिए। सोनम दिनुशा ने शतकीय पारी खेलकर भारत की जीत की उम्मीदों को धूमिल कर दिया। फॉलोऑन खेलने के बावजूद श्रीलंका ने मैच को बचा लिया। गॉल टेस्ट जीतने वाली भारतीय टीम को कोलंबो टेस्ट ड्रॉ होने के बाद सीरीज 1-0 से जीतकर लौटना पड़ा। दूसरे टेस्ट के ड्रॉ होने से भारत की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को झटका लगा।
जुरेल के शतक पर चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कप्तान शुभमन गिल चाहते थे कि भारत अपनी पहली पारी की घोषणा दूसरे दिन कर दे। लेकिन कोच गौतम गंभीर ने यह चाहा कि विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल अपना शतक पूरा करें। जुरेल ने ऐसा किया और भारत ने 9 विकेट पर 503 रन बनाकर पारी घोषित की। रिपोर्ट में यह चिंता जताई गई है कि कोच गंभीर कप्तान गिल को निर्णय लेने में पूरी स्वतंत्रता नहीं दे रहे हैं और कई बार उनके निर्णयों पर हावी हो रहे हैं।
गिल का बचाव
मैच के बाद, गिल ने कहा कि टीम ने जीतने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि जो भी संभव था, वह मैदान पर किया गया। गिल ने यह भी कहा कि मौसम को देखते हुए फॉलोऑन का निर्णय लेना आसान नहीं था। उन्होंने श्रीलंका के बल्लेबाजों की तारीफ की और कहा कि जो भी सही लगा, वह उस समय किया गया।
