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ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तैयारी: उत्साह की कमी

ग्लास्गो में 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन होने जा रहा है, लेकिन शहर में उत्साह की कमी साफ नजर आ रही है। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का स्वागत करने वाले वालिंटियर्स के अलावा, शहर में कोई खास तैयारी नहीं दिख रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि खिलाड़ियों के आगमन के बाद माहौल में बदलाव आएगा। जानें इस इवेंट की मेजबानी की मजबूरी और खिलाड़ियों की संभावनाओं के बारे में।
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कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज

ग्लास्गो, स्कॉटलैंड में 23 जुलाई से कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) का 23वां संस्करण शुरू होने जा रहा है, लेकिन शहर का माहौल इस बात का संकेत नहीं दे रहा है कि कल एक बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट होने वाला है। ग्लास्गो एयरपोर्ट पर उतरते ही खिलाड़ी अपने सामान का इंतजार कर रहे हैं, जहां उन्हें ट्रैकसूट में अपने साथी और स्वागत के लिए खड़े वालिंटियर्स नजर आते हैं, लेकिन बाहर का दृश्य कुछ और ही है।


एयरपोर्ट के बाहर न तो कोई बड़े पोस्टर हैं और न ही CWG 2026 का आधिकारिक शुभंकर 'फिन्नी द यूनिकॉर्न' दिखाई दे रहा है। कुछ स्थानों पर स्कॉटलैंड के प्रमुख खिलाड़ियों के पोस्टर लगे हैं। क्वीन स्ट्रीट स्टेशन पर उलटी गिनती की घड़ी और टिकट बैरियर पर गेम्स की ब्रांडिंग के बावजूद, ग्लास्गो में CWG के प्रति उत्साह की कमी साफ नजर आ रही है।


ग्लास्गो की मेजबानी की मजबूरी

कॉमनवेल्थ 2026 पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में आयोजित होने वाला था, लेकिन लागत के कारण उन्होंने मेजबानी से पीछे हटने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्लास्गो को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। यहां पिछला कॉमनवेल्थ गेम्स 12 साल पहले हुआ था, इसलिए इस बार इवेंट की संख्या को केवल 10 तक सीमित रखा गया है, जो चार स्टेडियमों में आयोजित होंगे। यह 1994 के बाद से सबसे कम इवेंट वाला एडिशन है।


ग्लास्गो यूनिवर्सिटी के छात्र नाथन मैकेंजी ने कहा, 'मुझे पता है कि कॉमनवेल्थ गेम्स हो रहे हैं क्योंकि यूनिवर्सिटी में वालिंटियर्स की तलाश की गई थी।' उन्होंने यह भी बताया कि शहर में अब कुछ पोस्टर नजर आने लगे हैं।


खिलाड़ियों के आगमन से बढ़ेगा उत्साह

क्लाइड नदी के किनारे सुरक्षाकर्मी गश्त कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर अवरोधक लगाए गए हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि जब खेल शुरू होंगे, तो क्लाइड नदी की शांति दर्शकों की भीड़ के शोर में बदल जाएगी। टैक्सी ड्राइवर विंसेंट डोबिंस ने कहा, 'अभी तक कोई माहौल नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों के आने के बाद सब बदल जाएगा।' उनका बेटा मट्टी डोबिंस स्कॉटलैंड का पूर्व रोड रेस चैंपियन है और कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू करने जा रहा है।


अभी सभी खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए नहीं पहुंचे हैं। श्रीलंका की टीम में स्टार भालाफेंक खिलाड़ी रूमेश थरंगा पर नजरें टिकी हैं, जिन्होंने पिछले महीने रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो फेंका था। उनकी टक्कर भारत के दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम से होगी। श्रीलंका टीम के मैनेजर मोहम्मद रिफात ने कहा, 'वह अच्छा खेल रहा है। हमें उम्मीद है कि वह यहां गोल्ड जीतेगा।'