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चेन्नई सुपर किंग्स के नए कोच पर चर्चा: क्या धोनी खुद संभालेंगे जिम्मेदारी?

चेन्नई सुपर किंग्स के नए हेड कोच के चयन को लेकर चर्चाएँ चल रही हैं। पूर्व चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने हेमनग बदानी की उम्मीदवारी को खारिज करते हुए कहा है कि एमएस धोनी खुद कोचिंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उन्होंने CSK को सलाह दी है कि वे निर्णय लेने में जल्दबाजी न करें, क्योंकि टीम के पास पर्याप्त समय है। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है।
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चेन्नई सुपर किंग्स के नए हेड कोच की तलाश


चेन्नई सुपर किंग्स के नए हेड कोच के चयन को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। स्टीफन फ्लेमिंग के पद छोड़ने के बाद कई नामों पर विचार किया जा रहा है। इस बीच, पूर्व भारतीय चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने हेमनग बदानी की उम्मीदवारी को खारिज करते हुए कहा है कि एमएस धोनी खुद टीम को कोचिंग देने के लिए सक्षम हैं।


बदानी की उम्मीदवारी पर श्रीकांत की राय

स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद, CSK के नए हेड कोच के लिए कई नामों पर चर्चा हो रही है, जिसमें हेमनग बदानी का नाम भी शामिल है। बदानी पिछले दो सीज़न से दिल्ली कैपिटल्स के हेड कोच रहे हैं, लेकिन वे टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा सके। दिल्ली में अब प्रबंधन में बदलाव की योजना बनाई जा रही है, जिसमें सौरव गांगुली को हेड कोच और युवराज सिंह को सहायक कोच बनाने की बात सामने आई है। ऐसे में बदानी का CSK से जुड़ना चर्चा का विषय बना हुआ है।


धोनी की कोचिंग क्षमता पर जोर

श्रीकांत ने अपने यूट्यूब चैनल पर बदानी के नाम को लेकर स्पष्ट विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बदानी ने दिल्ली के साथ कुछ खास नहीं किया, इसलिए CSK उन्हें क्यों चुनेगी, यह समझना कठिन है। श्रीकांत के अनुसार, जब टीम में एमएस धोनी जैसा अनुभवी खिलाड़ी है, तो किसी अन्य कोच की आवश्यकता पर सवाल उठता है। उन्होंने यह भी कहा कि धोनी खुद हेड कोच की भूमिका निभाने के लिए पर्याप्त हैं। हालांकि, यदि धोनी किसी भारतीय कोच को चाहते हैं, तो श्रीकांत ने चंद्रकांत पंडित का नाम सुझाया।


CSK को निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए

श्रीकांत ने चेन्नई सुपर किंग्स को सलाह दी कि वे अगला कोच चुनने में जल्दबाजी न करें। उनका कहना है कि टीम के पास निर्णय लेने के लिए पर्याप्त समय है, क्योंकि IPL की अगली नीलामी दिसंबर में होगी। उन्होंने कहा कि CSK को सभी विकल्पों पर ध्यानपूर्वक विचार करना चाहिए और जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए।