टीम इंडिया में सरफराज खान की जगह ध्रुव जुरेल को प्राथमिकता
सरफराज खान को फिर से प्लेइंग-XI से बाहर रखा गया
टीम इंडिया ने एक बार फिर सरफराज खान को प्लेइंग-XI में शामिल नहीं किया है। श्रीलंका के खिलाफ गॉल में चल रहे पहले टेस्ट मैच में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। चोटिल साई सुदर्शन की जगह 28 वर्षीय सरफराज को टीम में शामिल किया गया था, लेकिन ध्रुव जुरेल को प्राथमिकता दी गई है। जुरेल नंबर-6 पर बल्लेबाजी करेंगे। यह 25 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज पिछले 7 टेस्ट पारियों में कोई अर्धशतक नहीं बना सके हैं। पिछले साल के अंत में साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा था।
जुरेल का पिछला प्रदर्शन
जुरेल ने 2 टेस्ट मैचों में 4 पारियों में केवल 29 रन बनाए थे। इस सीरीज में साउथ अफ्रीका ने भारत को बुरी तरह हराया था। इस साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में भी जुरेल को मौका मिला, लेकिन वह केवल 19 रन बना सके। उस मैच में केएल राहुल (100) और कप्तान शुभमन गिल (126) ने शतकीय पारियां खेली थीं। साई सुदर्शन और ऋषभ पंत ने भी 81-81 रन बनाए थे। वॉशिंगटन सुंदर ने सातवें नंबर पर आकर नाबाद 52 रन बनाए, जो यह दर्शाता है कि पिच बल्लेबाजी के लिए कितनी अनुकूल थी।
सरफराज और जुरेल के आंकड़े
सरफराज और जुरेल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की थी। जहां सरफराज ने 6 टेस्ट खेले हैं, वहीं जुरेल अब 11वां टेस्ट खेल रहे हैं। सरफराज ने 37.10 की औसत से 371 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं। जुरेल ने 34.14 की औसत से 478 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक है।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सरफराज के आंकड़े शानदार हैं। उन्होंने 62 फर्स्ट क्लास मैचों में 64.73 की औसत से 5114 रन बनाए हैं, जिसमें 17 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 301 है। जुरेल ने 36 फर्स्ट क्लास मैचों में 55.17 की औसत से 2538 रन बनाए हैं, जिसमें 6 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 249 है।
सरफराज का अनुभव और टीम प्रबंधन का निर्णय
रेड बॉल क्रिकेट में सरफराज जुरेल से कहीं बेहतर हैं। स्पिन खेलने में भी सरफराज की क्षमता जुरेल से अधिक है। इसके बावजूद, भारतीय टीम प्रबंधन ने गॉल में सरफराज की बजाय जुरेल को खेलने का निर्णय लिया है। यह ध्यान देने योग्य है कि सरफराज पिछले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे, लेकिन उन्होंने 5 टेस्ट मैचों की पूरी सीरीज में केवल पानी पिलाने का काम किया।
