डोनाल्ड ट्रंप ने लियोनेल मेसी की तारीफ की, इंग्लैंड की रणनीति पर उठाए सवाल
ट्रंप की मेसी की प्रशंसा
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा में हैं। उन्होंने अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी की सराहना की और इंग्लैंड की हार के लिए टीम की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कोच थॉमस टुचेल की आलोचना की।
मेसी की प्रतिभा पर ट्रंप का बयान
न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान, ट्रंप ने अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लियोनेल मेसी जैसे खिलाड़ी बहुत कम होते हैं। ट्रंप के अनुसार, मेसी पर पूरे मैच में कड़ी नजर रखी गई, फिर भी उन्होंने एक अद्भुत पास दिया जिसने मैच का परिणाम बदल दिया। उसी पास पर लौटारो मार्टिनेज ने विजयी गोल किया, जिससे अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत हासिल की। ट्रंप ने कहा कि मेसी बार-बार ऐसे क्षण पैदा करते हैं, क्योंकि उनकी प्रतिभा सामान्य खिलाड़ियों से अलग है।
इंग्लैंड की रणनीति पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने इंग्लैंड की रणनीति पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब इंग्लैंड को बढ़त मिली, तब उन्होंने अपने प्रमुख खिलाड़ी हैरी केन को अत्यधिक रक्षात्मक भूमिका में डाल दिया। उनके अनुसार, जब टीम आगे हो, तब आक्रमण जारी रखना चाहिए। ट्रंप ने कहा कि वह फुटबॉल कोच नहीं हैं, लेकिन उन्हें लगा कि यह निर्णय टीम के लिए सही नहीं था। उनका मानना है कि अगर हैरी केन को आगे खेलने की स्वतंत्रता मिलती, तो इंग्लैंड का प्रदर्शन बेहतर हो सकता था।
टुचेल का जवाब
#WATCH | US President Donald Trump says, "We have gathered tonight in New York City as we await the final faceoff on Sunday between the two amazing teams, Spain and Argentina. I watched that pass that Messi made...He was well guarded by a great player and then he moved to the… pic.twitter.com/23WitBKzMe
— News Media (@NewsMedia) July 17, 2026
इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुचेल ने ट्रंप की टिप्पणियों का जवाब देते हुए अपनी रणनीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना लगातार दबाव बना रहा था, इसलिए पूरी टीम को पीछे हटकर खेलना पड़ा। उनके अनुसार, हैरी केन भी उसी रणनीति का हिस्सा थे और यह निर्णय मैच की स्थिति के अनुसार लिया गया था। अब अर्जेंटीना की टीम 20 जुलाई को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में स्पेन के खिलाफ फाइनल खेलेगी, जबकि इंग्लैंड तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस से भिड़ेगा।
