Newzfatafatlogo

तन्वी शर्मा ने Taipei Open 2026 में जीता महिला सिंगल्स खिताब

17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने Taipei Open 2026 में महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर भारतीय बैडमिंटन में एक नई उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फाइनल में वियतनाम की थुई लिन्ह गुयेन को हराया, जिससे वह साइना नेहवाल के बाद यह खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। 18 साल बाद भारत को महिला सिंगल्स का खिताब मिला है। जानें उनके शानदार खेल और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
 | 

भारतीय बैडमिंटन का नया सितारा


17 वर्षीय तन्वी शर्मा ने Taipei Open 2026 में महिला सिंगल्स का खिताब जीतकर एक नई उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने फाइनल में वियतनाम की थुई लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में हराया, जिससे वह साइना नेहवाल के बाद यह खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं।


18 साल बाद भारत को मिला महिला सिंगल्स का खिताब

Taipei Open में भारत की आखिरी महिला सिंगल्स चैंपियन साइना नेहवाल थीं, जिन्होंने 2008 में यह खिताब जीता था। अब 18 साल बाद, तन्वी शर्मा ने इस लंबे इंतजार को समाप्त कर दिया। उन्होंने फाइनल में गुयेन को 21-16, 21-16 से हराया। यह तन्वी का पहला BWF वर्ल्ड टूर सुपर 300 खिताब है। पिछले साल यूएस ओपन सुपर 300 के फाइनल में हारने के बाद, उन्होंने इस बार शानदार प्रदर्शन किया और ट्रॉफी अपने नाम की।


फाइनल में शानदार खेल


फाइनल मुकाबला केवल 36 मिनट चला, लेकिन तन्वी का खेल शुरुआत से ही शानदार रहा। उन्होंने नेट के पास बेहतरीन शॉट्स लगाए और तेज स्मैश से अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाया। पहले गेम को 21-16 से जीतने के बाद, दूसरे गेम में गुयेन ने 3-0 की बढ़त बनाई। फिर भी, तन्वी ने धैर्य नहीं खोया और लगातार अंक जुटाते हुए मुकाबले में वापसी की। अंततः उन्होंने दूसरा गेम भी 21-16 से जीतकर खिताब अपने नाम किया।


तन्वी शर्मा की नई पहचान


पंजाब की निवासी तन्वी शर्मा हाल के समय में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। वह पूर्व विश्व जूनियर नंबर-1 खिलाड़ी रह चुकी हैं और विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही संस्करण में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय हैं। उन्होंने एशियन टीम चैंपियनशिप में भारत को पहला गोल्ड दिलाने वाली टीम का हिस्सा भी रहीं। वर्तमान में, वह पीवी सिंधु के पूर्व कोच पार्क ताए-सांग से प्रशिक्षण ले रही हैं। खिताब जीतने के बाद, तन्वी ने अपना गोल्ड मेडल अपने कोच के गले में पहनाकर उनका सम्मान किया।