Newzfatafatlogo

तेजस्विन शंकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में डीकैथलॉन में कांस्य पदक जीता

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर ने डीकैथलॉन इवेंट में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। घुटने की चोट के बावजूद, उन्होंने 7976 पॉइंट्स के साथ शानदार प्रदर्शन किया। जानें उनकी यात्रा, चोट से वापसी और अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बारे में। यह उपलब्धि युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा बन गई है।
 | 

तेजस्विन शंकर का ऐतिहासिक प्रदर्शन


नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में तेजस्विन शंकर ने एक अद्वितीय उपलब्धि हासिल की है। वे पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने हैं, जिन्होंने डीकैथलॉन इवेंट में मेडल जीता है। 27 वर्षीय तेजस्विन ने कांस्य पदक प्राप्त कर भारत का नाम रोशन किया। हालांकि, उन्हें घुटने की चोट का सामना करना पड़ा, जिसने उनकी तैयारी को प्रभावित किया।


इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और 10 इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया। कुल 7976 पॉइंट्स के साथ उन्होंने कांस्य पदक पर कब्जा किया। आइए जानते हैं अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन कैसा रहा…




चोट और वापसी की कहानी

प्रतियोगिता की शुरुआत में तेजस्विन को हाई जंप इवेंट में चोट का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी आगे की भागीदारी पर सवाल उठ गए थे। 100 मीटर स्प्रिंट में वे अंतिम स्थान पर रहे, लेकिन लॉन्ग जंप में उन्होंने 7.82 मीटर का व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाया। हाई जंप में वे एकमात्र खिलाड़ी थे जिन्होंने 2 मीटर की ऊंचाई पार की।


400 मीटर में चौथा स्थान, दूसरे दिन हर्डल्स में दूसरा स्थान और जेवलिन थ्रो में 53.12 मीटर के प्रयास ने उन्हें तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया। पोल वॉल्ट में आठवें स्थान के बावजूद, उन्होंने शानदार वापसी की। यह जीत साबित करती है कि मेहनत और जज्बे के आगे कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। तेजस्विन शंकर की यह उपलब्धि युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा बन गई है।




तेजस्विन शंकर का बयान

तेजस्विन शंकर ने कहा, "खाली हाथ लौटना अच्छा नहीं लगता; मैं बहुत खुश हूं... अगर हम डेकाथलॉन से दो दिन पहले की बात करें, तो मेरे पैर में अचानक तकलीफ बढ़ गई थी, जिससे मैं मुकाबला करने की स्थिति में नहीं था। मुझे इस नतीजे की उम्मीद नहीं थी। मैंने सीखा कि हर दिन को एक बार में देखना चाहिए, एक सेशन, एक घंटे और एक कदम पर ध्यान देना चाहिए। इसी सोच के साथ मैंने डेकाथलॉन की शुरुआत की। हर इवेंट में मेरा ध्यान उस एक थ्रो, रेप या जंप पर था; मैं उस पल में बना रहा और उसे सही ढंग से कर पाया..."


अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन

ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर ने 8096 पॉइंट्स के साथ स्वर्ण पदक जीता। कनाडा के डेमियन वार्नर ने 8036 पॉइंट्स के साथ रजत पदक हासिल किया। तेजस्विन ने तीसरे स्थान पर रहकर भारतीय दल की मेडल तालिका में योगदान दिया।