दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने बनाया नया रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी का शानदार प्रदर्शन
बेंगलुरु में सेंट्रल जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से अद्भुत प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें फिर से सुर्खियों में ला दिया। केवल 15 साल और 157 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाकर उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत करते हुए, वैभव ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। उनकी 81 गेंदों में 92 रन की पारी ने ईस्ट जोन को मुकाबले में मजबूत स्थिति में ला दिया।
57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा
वैभव ने जब अर्धशतक पूरा किया, तो उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उन्होंने लक्ष्मण सिंह का 1969 में बनाया गया रिकॉर्ड तोड़ दिया, जब लक्ष्मण ने 16 साल और 23 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। वैभव ने यह कारनामा केवल 15 साल और 157 दिन की उम्र में किया, जिससे उनकी क्रिकेट पहचान और भी मजबूत हुई।
92 रन से मचाया तहलका
सेंट्रल जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 266 रन बनाए। इसके जवाब में, ईस्ट जोन के लिए वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। युवा बल्लेबाज ने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाया और 81 गेंदों में 92 रन की तेज पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने ईस्ट जोन को पहली पारी में अच्छी शुरुआत दिलाई। हालांकि, वह शतक से केवल आठ रन पहले आउट हो गए। इस दौरान उनके बल्ले से 7 चौके और 7 छक्के आए।
पिछले मैच में बल्ला रहा था खामोश
पिछले मुकाबले में वैभव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ वह केवल आठ रन बनाकर आउट हुए थे, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने दो विकेट चटकाए थे। ईस्ट जोन ने वह मैच पारी और 210 रन से जीता था। इसी जीत के चलते टीम सेमीफाइनल में पहुंची। अब वैभव की नजरें अपनी शानदार लय को आगे बढ़ाने पर हैं।
फाइनल की राह में बड़ा मौका
सेंट्रल जोन के खिलाफ 92 रन की पारी के बाद, वैभव से दूसरी पारी में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। ईस्ट जोन की नजरें अब फाइनल में जगह बनाने पर हैं। इस युवा बल्लेबाज की भूमिका टीम को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। 15 साल की उम्र में लगातार बड़े मंच पर प्रभाव छोड़ना उनके लिए एक खास उपलब्धि है। अब देखना होगा कि क्या वैभव अपनी फॉर्म को बनाए रखते हुए टीम को खिताब तक पहुंचा पाते हैं।
