फीफा विश्व कप 2026: ईरानी टीम का अमेरिका में आगमन और चुनौतियाँ
ईरानी टीम का अमेरिका में आगमन
ईरानी फुटबॉल टीम ने रविवार, 15 जून को लॉस एंजेलेस में न्यूजीलैंड के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मैच से पहले अमेरिका में कदम रखा। यह यात्रा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के बाद हुई। हालांकि, टीम को वीजा और प्रशिक्षण शिविर से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक दबाव और चुनौतियाँ
अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस विश्व कप ने ईरान के लिए कई राजनीतिक और दबाव संबंधी चुनौतियाँ पेश की हैं।
कप्तान तारेमी का तनाव
ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने बताया कि उन्हें विश्व कप के लिए रवाना होने के पहले क्षण से ही तनाव का अनुभव हो रहा था। उन्होंने कहा, 'विश्व कप में पहुंचने के पहले ही क्षण से मैंने तनाव महसूस किया है।'
वीजा विवाद और प्रशिक्षण शिविर में बदलाव
तारेमी ने आगे कहा कि, 'किसी भी टूर्नामेंट में तनाव होने पर हमें वह सुखद अनुभव नहीं मिलता जिसके बारे में हम हमेशा बात करते हैं। मुझे पता है कि यह समस्या केवल हमारे साथ नहीं हुई। कई देशों को भी वीजा संबंधी समस्याओं और प्रशिक्षण शिविरों में बदलाव का सामना करना पड़ा।'
प्रदर्शनकारियों का सामना
अमेरिका पहुंचने के बाद टीम को एक और चुनौती का सामना करना पड़ा। लॉस एंजेलेस में अभ्यास के दौरान कुछ सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी स्टेडियम के बाहर दिखाई दिए, जिन्होंने ईरानी शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
राजनीति से दूरी बनाना
तारेमी ने स्पष्ट किया कि टीम का मुख्य उद्देश्य केवल फुटबॉल खेलना और दुनिया भर के ईरानियों को खुश करना है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी राजनीति से दूर रहकर खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मुकाबला
ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ होगा। टीम की कोशिश होगी कि वह राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच शानदार प्रदर्शन कर विश्व कप अभियान की सकारात्मक शुरुआत करे।
