ब्राजील ने जापान को हराकर राउंड ऑफ 16 में बनाई जगह
ब्राजील की रोमांचक जीत
नई दिल्ली: कार्लो एन्चेलोटी की ब्राजील टीम ने ह्यूस्टन में एक दिलचस्प मुकाबले में जापान को 2-1 से हराया। मैच के अंतिम क्षणों में गैब्रिएल मार्टिनेली के गोल ने ब्राजील को राउंड ऑफ 16 में पहुंचाने में मदद की। यह जीत ब्राजील के फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार वापसी में से एक मानी जा रही है।
मैच की शुरुआत से ही रोमांचक माहौल बना रहा। ब्राजील ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा, लेकिन शुरुआती चरणों में गोल करने में असफल रही। उनकी फिनिशिंग कमजोर थी और कई मौके गंवा दिए। दूसरी ओर, जापान की टीम अनुशासित और लड़ाकू नजर आई, जो हर मौके का इंतजार कर रही थी।
पहला हाफ - जापान की बढ़त
29वें मिनट में ब्राजील के डैनिलो की एक गलती का फायदा उठाते हुए जापान ने बढ़त बनाई। कैइशू सानो ने पास लेकर मिडफील्ड से आगे बढ़ते हुए दूर से शानदार शॉट मारा, जिससे गोलकीपर एलिसन भी असहाय रह गए। यह जापान का पहले हाफ का एकमात्र शॉट ऑन टारगेट था, लेकिन यह काफी था। ब्रूनो गिमारेस और मथेयुस कुन्हा के प्रयास जापान के गोलकीपर जायन सुजुकी ने आसानी से रोक दिए। जापान की डिफेंस बहुत मजबूत थी, जिससे ब्राजील के खिलाड़ी परेशान नजर आए।
दूसरा हाफ - एन्चेलोटी की रणनीति
ब्रेक के बाद, 'डॉन कार्लो' एन्चेलोटी की रणनीति ने रंग लाना शुरू किया। ब्राजील की टीम तेज और आक्रामक खेल में लौट आई। कैसिमिरो ने मध्य में बेहतर पोजिशन ली और दबाव बढ़ाया। जल्द ही एक खतरनाक क्रॉस से जापान के डिफेंस में हलचल मच गई और कैसिमिरो ने स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद एन्चेलोटी ने मैच को पलटने के लिए बड़े बदलाव किए। चोटिल लुकास पाक्वेटा की जगह युवा एंड्रिक को और कुन्हा की जगह गैब्रिएल मार्टिनेली को मैदान में उतारा। टीम ने 4-2-4 जैसी आक्रामक फॉर्मेशन अपनाई। अब ब्राजील पूरी ताकत से हमले कर रही थी।
रोमांचक अंत
मैच के 96वें मिनट में इंजरी टाइम में मार्टिनेली ने गेंद को खूबसूरती से कर्ल करते हुए गोल में डाल दिया। पूरा स्टेडियम जश्न में डूब गया। यह गोल ब्राजील को 2-1 से जीत दिलाकर राउंड ऑफ 16 में पहुंचा गया। लंबे समय बाद ब्राजील ने ऐसी वापसी जीत हासिल की। एन्चेलोटी की कोचिंग, खिलाड़ियों का जज्बा और अंतिम समय का दमखम इस मैच की सबसे बड़ी विशेषता रही। जापान ने अच्छा मुकाबला दिया, लेकिन अंत में ब्राजील की गुणवत्ता सामने आ गई।
यह जीत ब्राजील के प्रशंसकों के लिए राहत की बात है और टूर्नामेंट में उनकी उम्मीदें फिर से जागृत हो गई हैं। एन्चेलोटी की रणनीति और खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि ब्राजील अभी भी दुनिया की सबसे खतरनाक टीमों में से एक है।
