Newzfatafatlogo

भारत का चेस ओलंपियाड 2026 में शानदार प्रदर्शन

उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित चेस ओलंपियाड 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने ओपन और महिला वर्ग में कुल छह व्यक्तिगत बोर्ड मेडल जीते, जिसमें सविता श्री बी का स्वर्ण पदक विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन नारंग ने टीम की सफलता की सराहना की, और प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी। जानें इस टूर्नामेंट में अन्य खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बारे में।
 | 

भारत की चेस टीम की उपलब्धियां

उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित चेस ओलंपियाड 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अद्वितीय प्रदर्शन किया। भारत ने ओपन और महिला वर्ग में मिलाकर छह व्यक्तिगत बोर्ड मेडल जीते। इनमें से सविता श्री बी का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिन्होंने महिला वर्ग के बोर्ड-5 पर स्वर्ण पदक जीता। इस चेस ओलंपियाड में भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक प्राप्त किए।


 


चेस ओलंपियाड 2026 में भारत की सफलता पर ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन नारंग ने भारतीय टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत ने लगातार तीसरी बार नॉना गैप्रिंडाश्विली कप जीता है, जो ओपन और महिला वर्ग में टीम के संयुक्त प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है।



टीम इंडिया का प्रदर्शन


महिला वर्ग के बोर्ड-5 पर खेलते हुए सविता श्री ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 मुकाबलों में 9 अंक प्राप्त किए और अजेय रहीं, जिससे उन्होंने अपने बोर्ड पर स्वर्ण पदक सुनिश्चित किया।


 


ओपन वर्ग में विश्व चैंपियन डी गुकेश ने बोर्ड-4 पर 11 खेल खेले और 8.5 अंक हासिल किए, जिसके लिए उन्हें रजत पदक मिला। वहीं, महिला वर्ग के बोर्ड-3 पर दिव्या देशमुख ने 10 खेलों में 6.5 अंक जुटाकर रजत पदक अपने नाम किया।


 


ओपन वर्ग में आर. प्रज्ञानानंद ने बोर्ड-1 पर 10 खेलों में 6.5 अंक प्राप्त किए और कांस्य पदक जीता। महिला वर्ग में कोनेरू हम्पी ने बोर्ड-1 पर 10 खेलों में 7 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। महिला वर्ग के बोर्ड-4 पर वंतिका अग्रवाल ने भी शानदार प्रदर्शन किया, उन्होंने आठ खेलों में छह अंक जुटाए और कांस्य पदक हासिल किया।


प्रधानमंत्री मोदी की बधाई


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हमारे शतरंज खिलाड़ियों को बहुत-बहुत बधाई! उनका जुनून और मेहनत वास्तव में प्रशंसा के योग्य है। उनकी यह सफलता अन्य युवाओं को शतरंज खेलने और इसमें उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करे।'