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भारत ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्फ में जीता 18वां स्वर्ण पदक

भारत की गोल्फर प्रणवी उर्स ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्फ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। 23 वर्षीय प्रणवी ने अंतिम दौर में शानदार प्रदर्शन किया और गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं। उन्होंने टीम को सिल्वर मेडल भी दिलाया। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में, जिसमें उनकी प्रारंभिक उम्र से गोल्फ में रुचि और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा शामिल है।
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भारत की गोल्फर प्रणवी उर्स ने रचा इतिहास

जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अपना 18वां स्वर्ण पदक हासिल किया है। प्रणवी उर्स ने गोल्फ में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। 23 वर्षीय प्रणवी ने अंतिम राउंड में एक स्ट्रोक की बढ़त बनाए रखते हुए स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ, वह एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गईं। इसके अलावा, उन्होंने टीम को सिल्वर मेडल भी दिलाया।


प्रणवी, जो मैसूर से हैं, ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी के बाद तीन बर्डी बनाईं। अंतिम दौर में उन्होंने इवन पार 70 का स्कोर किया, और चार दिनों में उनका कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। प्रणवी के साथ अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने सिल्वर मेडल जीता, जिसमें भारत ने 14 अंडर 546 का स्कोर बनाया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता।


प्रणवी उर्स का परिचय


प्रणवी उर्स का जन्म 15 अप्रैल, 2003 को हुआ। उन्होंने केवल 6 साल की उम्र में गोल्फ खेलना शुरू किया। उनके पिता और भाई भी इस खेल में रुचि रखते थे, जिससे प्रणवी को बचपन से ही गोल्फ से लगाव हो गया। उन्होंने जूनियर और एमेच्योर गोल्फ सर्किट में अपनी पहचान बनाई और 2018 में थाईलैंड में सिंघा वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप और ऑल इंडिया जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप जीती। 2020 में, वह प्रोफेशनल गोल्फर बनीं और घरेलू महिला प्रोफेशनल गोल्फ सर्किट में खेलने लगीं।


प्रणवी ने 2023 में हांगझोऊ एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत और महिला टीम इवेंट दोनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद, उन्होंने लेडीज यूरोपियन टूर (LET) और अन्य प्रोफेशनल टूर पर प्रतिस्पर्धा करते हुए अंतरराष्ट्रीय सर्किट में भी अपनी पहचान बनाई है।