Newzfatafatlogo

भारत ने महिला एशिया कप में श्रीलंका को हराकर 8वीं बार खिताब जीता

भारत ने महिला एशिया कप 2023 में श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब जीता, लेकिन पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर विवाद ने सुर्खियां बटोरीं। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद स्टेडियम में 'ट्रॉफी चोर' के नारे लगे। BCCI ने इस पर स्पष्टीकरण दिया है कि टीम ने पिछले साल के फैसले के साथ एकजुटता दिखाई है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 | 

महिला एशिया कप में भारत की शानदार जीत


रविवार को दुबई में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। हालांकि, भारत की जीत से ज्यादा चर्चा पुरस्कार वितरण समारोह की रही। एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी मंच पर ट्रॉफी के साथ उपस्थित थे, लेकिन भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने पुरस्कार लेने के लिए मंच पर नहीं आईं। इसके बाद स्टेडियम में नकवी के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई, और दर्शकों ने उन्हें 'ट्रॉफी चोर' कहकर बुलाना शुरू कर दिया।


भारतीय टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार

फाइनल के बाद नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर थे, जहां उन्होंने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को उपविजेता का चेक सौंपा। इसके बाद वह स्टेडियम से चले गए, क्योंकि भारतीय टीम ने उनसे ट्रॉफी नहीं ली। यह घटना पिछले साल पुरुष एशिया कप के बाद हुए ट्रॉफी विवाद की याद दिलाती है।


स्टेडियम में 'ट्रॉफी चोर' के नारे

जब नकवी दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम से बाहर जा रहे थे, तब भारतीय फैंस ने 'ट्रॉफी चोर' के नारे लगाना शुरू कर दिया। पिछले साल 2025 एशिया कप के बाद से ही उन्हें इस नाम से पुकारा जा रहा है। यह विवाद सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहा।


यह वही नारा है जो 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल के बाद ट्रॉफी विवाद के दौरान वायरल हुआ था। उस समय भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद नकवी ने ट्रॉफी अपने साथ ले ली थी।


BCCI का स्पष्टीकरण

BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि महिला टीम ने पिछले साल पुरुष टीम के फैसले के साथ एकजुटता दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति में बोर्ड अपने रुख से पीछे नहीं हट सकता। सैकिया के अनुसार, ट्रॉफी किसके हाथों में जाए, यह टीम की प्राथमिकता नहीं थी। सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य एशिया कप जीतना था, जिसे भारत ने हासिल किया।


नकवी से बातचीत को सामान्य प्रोटोकॉल बताया गया

मैच के दौरान नकवी BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और देवजीत सैकिया के साथ रॉयल बॉक्स में दिखाई दिए। इस पर उठे सवालों के जवाब में सैकिया ने कहा कि अधिकारियों का एक-दूसरे से मिलना और बातचीत करना सामान्य प्रोटोकॉल है। इसका ट्रॉफी समारोह के फैसले से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने बताया कि प्रस्तुति को लेकर समाधान निकालने की कोशिश हुई, लेकिन सहमति नहीं बन सकी और BCCI को अपने फैसले पर पछतावा नहीं है।