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भारतीय महिला टीम ने एशिया कप 2026 की ट्रॉफी लेने से किया इनकार

दुबई में एशिया कप 2026 जीतने के बाद भारतीय महिला टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। यह घटना पिछले साल की पुनरावृत्ति है, जब भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया था। नकवी का गुस्सा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो इस विवाद को और बढ़ा रहा है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की वजह और क्रिकेट में राजनीतिक तनाव का असर।
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भारतीय महिला टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार


दुबई में एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। नकवी, जो कि एसीसी के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री हैं, पोडियम पर टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम वहां नहीं पहुंची। इस स्थिति से नाराज होकर नकवी स्टेडियम से बाहर चले गए।


पिछले साल की घटना की पुनरावृत्ति

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया है। पिछले साल एशिया कप 2025 के फाइनल में भी ऐसा ही हुआ था, जब तत्कालीन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। इस बार हरमनप्रीत कौर ने भी वही रुख अपनाया। नकवी ने काफी समय तक भारतीय खिलाड़ियों का इंतजार किया, लेकिन टीम ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रॉफी को दुबई में एसीसी मुख्यालय में रखा जाएगा।


नकवी का वीडियो हुआ वायरल

घटना के बाद, नकवी के स्टेडियम से बाहर निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में एक पाकिस्तानी प्रशंसक को यह कहते हुए सुना गया कि वे नकवी से खुश हैं और भारतीय टीम ट्रॉफी की हकदार नहीं है। इसके बाद नकवी कार में बैठते हुए नजर आए और कैमरे की ओर मुस्कुराते भी दिखे। कई पाकिस्तानी समर्थकों ने ट्रॉफी भारत को न देने के लिए उनकी सराहना की। इस घटनाक्रम ने क्रिकेट और दोनों देशों के बीच तनाव को फिर से चर्चा का विषय बना दिया।


BCCI ने दी ट्रॉफी न लेने की वजह

BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप 2025 जीतने के बाद भी पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया था और नकवी से ट्रॉफी लेने से मना किया था। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव का असर अभी भी बना हुआ है। नकवी पाकिस्तान सरकार में महत्वपूर्ण पद पर हैं, इसलिए भारतीय टीम ने उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। इस बार भी वही स्थिति देखने को मिली, जिससे यह सवाल उठता है कि खेल और राजनीतिक तनाव के बीच कैसे संतुलन बनाया जाए।