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भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जीता स्वर्ण पदक

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता है। यह जीत 44 साल के लंबे इंतजार के बाद आई है, जिससे टीम ने ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई किया है। जानें इस ऐतिहासिक जीत के बारे में और मैच के महत्वपूर्ण क्षणों के बारे में।
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महिला हॉकी में ऐतिहासिक जीत


जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 से भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। शुक्रवार (2 अक्टूबर) को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में हुए महिला हॉकी के फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।


44 साल बाद मिली स्वर्णिम सफलता

भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले, भारत ने 1982 में महिला हॉकी का पहला गोल्ड मेडल जीता था। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने लॉस एंजेलेस ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। कप्तान सलीमा टेटे और कोच शोर्ड मारिन की देखरेख में टीम ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।


लालरेमसियामी का निर्णायक गोल


मैच के पहले क्वार्टर के 10वें मिनट में भारतीय खिलाड़ी लालरेमसियामी ने सलीमा टेटे और साक्षी के सहयोग से एक शानदार रिवर्स-हिट लगाकर निर्णायक गोल किया।


सविता की अद्भुत गोलकीपिंग

चीन ने मैच में वापसी की कोशिश की और दूसरे क्वार्टर में 23वें मिनट में उन्हें एक पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने शानदार बचाव करते हुए चीन के गोल करने के प्रयास को विफल कर दिया।


अभेद्य डिफेंस

तीसरे और चौथे क्वार्टर में चीनी खिलाड़ियों ने कई आक्रामक हमले किए और पेनल्टी कॉर्नर भी हासिल किए। हालांकि, सविता पूनिया की अगुआई में भारतीय डिफेंस ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। जैसे ही मैच की अंतिम सीटी बजी, पूरा स्टेडियम भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।