भारतीय शतरंज टीम ने ओलंपियाड में रजत और कांस्य पदक जीते
भारत की शानदार उपलब्धि
उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित 46वें शतरंज ओलंपियाड के अंतिम दौर में भारतीय पुरुष टीम ने हंगरी के साथ ड्रॉ खेलकर टाईब्रेकर में रजत पदक हासिल किया। वहीं, महिला टीम ने जॉर्जिया के खिलाफ बराबरी पर खेलते हुए कांस्य पदक प्राप्त किया। ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन नारंग ने टीम के प्रयासों की सराहना की और कहा कि भारतीय खिलाड़ियों ने पूरे हिम्मत से खेला और 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदों को आगे बढ़ाया।
उज्बेकिस्तान ने जीता स्वर्ण
उज्बेकिस्तान ने ओपन वर्ग में यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस टीम ने कुल 22 में से 20 अंक प्राप्त किए, जिसमें 10 दौर में जीत और केवल एक मुकाबला जर्मनी के खिलाफ हार शामिल है।
भारत को मिला रजत पदक
भारतीय पुरुष टीम ने 18 अंक जुटाए और नीदरलैंड को हराने वाले जर्मनी के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रही। हालांकि, बेहतर टाईब्रेकर स्कोर के कारण भारत को रजत पदक मिला, जबकि जर्मनी को कांस्य से संतोष करना पड़ा।
महिला वर्ग में चीन का स्वर्ण
महिला वर्ग में चीन ने वियतनाम को 3-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। चीन ने कुल 20 अंक जुटाए, जबकि दूसरे स्थान पर कजाखस्तान के पास 18 अंक थे।
बी सविता का उत्कृष्ट प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम की बी सविता श्री ने शानदार प्रदर्शन किया, जिन्होंने अपने 10 मुकाबलों में से 9 अंक प्राप्त किए। उनके योगदान के कारण भारतीय टीम कांस्य पदक जीतने में सफल रही।
दबाव में सविता ने ड्रॉ हासिल किया
जॉर्जिया के खिलाफ मुकाबले में हम्पी ने जीत दर्ज की, लेकिन दिव्या देशमुख को हार का सामना करना पड़ा। तीसरे बोर्ड पर वंतिका अग्रवाल के ड्रॉ के बाद सविता पर काफी दबाव था, लेकिन उन्होंने संघर्ष करते हुए ड्रॉ हासिल किया।
डी गुकेश का स्वर्ण से चूकना
टीम कांस्य के अलावा, सविता ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता। हम्पी और वंतिका ने व्यक्तिगत कांस्य पदक प्राप्त किया, जबकि दिव्या को रजत मिला। भारतीय पुरुषों में आर प्रज्ञानानंदा ने कांस्य पदक जीता, जबकि डी गुकेश स्वर्ण पदक से मामूली अंतर से चूक गए।
नितिन नारंग का बयान
ऑल इंडिया चेस फेडरेशन के अध्यक्ष नितिन नारंग ने कहा, 'FIDE चेस ओलंपियाड में एक बार फिर तिरंगा लहरा रहा है! हमारी टीमों ने हिम्मत से मुकाबला किया और 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों को आगे बढ़ाया। आज वे ओलंपियाड से सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल लेकर लौट रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि वे डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में गोल्ड जीतने आए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
