भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी पर विवाद
भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी पर बहस
भारतीय हॉकी टीम द्वारा पेश की गई नई केसरिया जर्सी ने खेल जगत में एक नई चर्चा को जन्म दिया है। पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने इस बदलाव पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि टीम की पहचान हमेशा नीली जर्सी से रही है। दूसरी ओर, हॉकी इंडिया ने इस निर्णय का समर्थन किया है।
पूर्व कप्तान की नाराजगी
पूर्व कप्तान विरेन रासकिन्हा ने नई केसरिया जर्सी के बारे में अपनी स्पष्ट राय साझा की है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान नीली जर्सी से जुड़ी हुई है और इसे बदलना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने गर्व के साथ नीली जर्सी पहनी है और प्रशंसक भी इसी रंग में टीम को देखना पसंद करते हैं। रासकिन्हा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान खेल की परंपरा से संबंधित है, न कि किसी राजनीतिक विवाद से। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अर्जेंटीना फुटबॉल में अपनी पारंपरिक जर्सी के लिए जाना जाता है, वैसे ही भारत की हॉकी टीम की पहचान भी नीले रंग से है।
I must say that @TheHockeyIndia has done many good things for 🇮🇳 🏑. But this is embarrassing. The legacy & identity of the Indian team has always been BLUE. I wore the Blue jersey with pride for many years. Fans want to see our Indian team in blue. What is the logic of orange? https://t.co/apDnJkTld4
— Viren Rasquinha (@virenrasquinha) July 29, 2026
हॉकी इंडिया का स्पष्टीकरण
हॉकी इंडिया ने नई जर्सी के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए कहा कि केसरिया रंग को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह भारत के तिरंगे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। महासंघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बदलाव समय के साथ आवश्यक होते हैं और नई जर्सी में भारतीय संस्कृति, तिरंगे के रंग और आधुनिक डिजाइन को शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि नीले हॉकी टर्फ पर नीली जर्सी पहनने से खिलाड़ियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है, जिससे दर्शकों और टीवी पर मैच देखने वालों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि नई केसरिया जर्सी मैदान पर बेहतर कंट्रास्ट प्रदान करेगी और खिलाड़ियों की पहचान को और आसान बनाएगी।
प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएँ
नई जर्सी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की राय विभाजित रही। कई प्रशंसकों ने रासकिन्हा का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की सभी राष्ट्रीय खेल टीमों की मुख्य जर्सी का रंग एक समान होना चाहिए ताकि उनकी पहचान बनी रहे। कुछ ने याद दिलाया कि 2019 क्रिकेट विश्व कप में भी भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ केसरिया जर्सी पहनी थी, जिस पर काफी चर्चा हुई थी। वहीं, कुछ प्रशंसकों ने नई जर्सी के डिजाइन की सराहना की और कहा कि इसमें तिरंगे की झलक, नीले रंग की डिटेलिंग और भारतीय संस्कृति की पहचान अच्छी तरह से प्रदर्शित होती है।
