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मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता स्वर्ण पदक, संघर्ष की कहानी साझा की

मीराबाई चानू ने 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। उनकी जीत के पीछे की कहानी संघर्ष और समर्पण से भरी है, जिसमें उन्होंने दो दिनों का उपवास रखा। इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। जानें मीराबाई की इस सफलता के पीछे की प्रेरणादायक कहानी और उनके संघर्ष के बारे में।
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मीराबाई चानू की ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली। 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की उम्मीदों का भार उठाते हुए 31 वर्षीय मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम स्पर्धा में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। इस जीत के साथ चानू ने राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की अपनी शानदार हैट्रिक पूरी की।


उपवास के बावजूद मिली जीत

जब मीराबाई ने पोडियम पर राष्ट्रगान के दौरान गोल्ड मेडल पहना, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे। उनकी इस जीत के पीछे की कहानी संघर्ष से भरी रही है। वजन बनाए रखने के लिए उन्होंने दो दिनों तक अन्न-जल का त्याग किया। जब पत्रकारों ने उनसे बात की, तो उन्होंने कहा, 'जल्दी करो, मैंने दो दिन से कुछ नहीं खाया।'


नए रिकॉर्ड की स्थापना

मैच की शुरुआत मीराबाई के लिए आसान नहीं थी। पहले प्रयास में वह स्नेच में 82 किलोग्राम उठाने में असफल रहीं, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला और दूसरे प्रयास में 82 किलोग्राम और फिर 85 किलोग्राम उठाकर नया राष्ट्रमंडल रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद, उन्होंने 105 किलोग्राम का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड तोड़ दिया। कुल मिलाकर, उन्होंने 190 किलोग्राम (85kg + 105kg) वजन उठाकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया।


परिवार और कोच का योगदान

जीत के बाद मीराबाई ने अपनी मां और कोच विजय शर्मा को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि वे हर परिस्थिति में उनके साथ रहे। उन्होंने कहा, 'परिवार और देश की उम्मीदों का दबाव था, लेकिन भारत के लिए तीसरा गोल्ड जीतकर बहुत खुशी हो रही है।'


पीएम मोदी की बधाई

मीराबाई की इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहा। उन्होंने लिखा कि भारतीय वेटलिफ्टिंग में एक और ऐतिहासिक पल! मीराबाई चानू ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर तिरंगा लहराया है। उनकी मेहनत का कोई जवाब नहीं। मीराबाई हर भारतीय की प्रेरणा हैं। इस शानदार जीत पर उन्हें बधाई और भविष्य के मैचों के लिए शुभकामनाएं।