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मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी में 100 फर्स्ट क्लास मैच पूरे किए

मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में 100 फर्स्ट क्लास मैच पूरे किए, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने उन्हें विशेष सम्मान दिया। ईशान किशन ने उनकी प्रशंसा की और कहा कि शमी भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में से एक हैं। जानें इस समारोह में और क्या हुआ और शमी की टीम से बाहर रहने की स्थिति के बारे में।
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दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल


दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मैच चेन्नई में ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। इस मैच में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ईस्ट जोन का हिस्सा हैं। उनके प्रदर्शन ने टूर्नामेंट में सभी को प्रभावित किया है और उनकी भूमिका टीम को फाइनल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण रही है। इस मैच के दौरान, शमी ने अपने करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 100 मैच पूरे किए। इस उपलब्धि के लिए बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने उनका सम्मान किया।


शमी का शतक

मोहम्मद शमी ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 100 मैचों का आंकड़ा पार किया। दलीप ट्रॉफी के फाइनल में खेलते हुए उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले शमी फिलहाल राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनकी उपस्थिति लगातार बनी हुई है। दलीप ट्रॉफी में उनकी गेंदबाजी ने ईस्ट जोन को फाइनल में पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


विशेष सम्मान समारोह



इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने फाइनल से पहले एक विशेष समारोह का आयोजन किया। शमी को सौरव गांगुली के ऑटोग्राफ वाली क्रिकेट गेंद भेंट की गई। इसके साथ ही उन्हें 100 नंबर की विशेष जर्सी और चांदी की थाली भी दी गई। समारोह के दौरान उनके सम्मान में केक काटा गया।


ईशान किशन की प्रशंसा

ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन भी इस सम्मान समारोह में उपस्थित रहे। उन्होंने शमी की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में से एक बताया। ईशान ने कहा कि शमी ने लगातार विकेट लिए हैं और भारतीय टीम के लिए उनका योगदान अद्वितीय है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्र का कोई महत्व नहीं है, जब खिलाड़ी मेहनत कर रहा हो।


टीम से बाहर रहने का समय

मोहम्मद शमी लगभग डेढ़ साल से भारतीय टीम से बाहर हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी मैच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था। इसके बाद से वह राष्ट्रीय टीम में स्थान नहीं बना सके हैं। हालांकि, घरेलू क्रिकेट में उनकी निरंतरता और प्रदर्शन उन्हें फिर से टीम इंडिया में शामिल होने की दौड़ में बनाए रखता है। दलीप ट्रॉफी में उनकी गेंदबाजी पर सभी की नजरें हैं।