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युवक एथलीट यशवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज, नीरज चोपड़ा ने की सराहना

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के एथलीट यशवीर सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। नीरज चोपड़ा ने उन्हें सराहा और कहा कि यशवीर की उपलब्धि खेल भावना का प्रतीक है। जानें कैसे यशवीर ने अंतिम प्रयास में शानदार प्रदर्शन किया और अपने करियर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ बनाया। इस लेख में उनके सफर और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई है।
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ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की उपलब्धियां


नई दिल्ली: ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा भारत के लिए विशेष रही। भले ही नीरज चोपड़ा गोल्ड मेडल नहीं जीत सके, लेकिन उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं, युवा एथलीट यशवीर सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल हासिल कर सबका ध्यान खींचा। मुकाबले के बाद नीरज चोपड़ा ने अपने पदक से ज्यादा यशवीर की उपलब्धि को महत्वपूर्ण बताया, जो खेल भावना और भारतीय जैवलिन थ्रो के उज्ज्वल भविष्य को दर्शाता है।


फाइनल में नीरज और यशवीर का प्रदर्शन

फाइनल मुकाबले में श्रीलंका के रुमेश पाथिरागे ने 89.75 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल जीता। नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर के प्रयास के साथ सिल्वर मेडल प्राप्त किया, जबकि यशवीर सिंह ने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक जीता।


नीरज चोपड़ा की यशवीर के प्रति सराहना

मुकाबले के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि यशवीर के साथ पोडियम साझा करना उनके लिए गर्व का क्षण था। उन्होंने एशियन गेम्स की याद दिलाते हुए कहा कि यशवीर ने महत्वपूर्ण समय पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जो उनकी मेहनत और मानसिक मजबूती को दर्शाता है।


यशवीर का अंतिम प्रयास और सफलता

कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार भाग ले रहे यशवीर ने अंतिम प्रयास में 85.41 मीटर का थ्रो किया, जो उनके करियर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। पहले पांच प्रयासों में उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था, लेकिन अंतिम प्रयास ने उन्हें कांस्य पदक दिलाया।


यशवीर का सफर और भविष्य

हरियाणा के यशवीर सिंह ने जूनियर स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की थी। 2022 में उन्होंने नीरज चोपड़ा का मीट रिकॉर्ड तोड़कर सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद, उन्होंने 2025 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी अच्छा प्रदर्शन किया।