रोहित शर्मा के वनडे भविष्य पर BCCI की समीक्षा बैठक में मिली राहत
रोहित शर्मा की स्थिति पर BCCI की समीक्षा
नई दिल्ली: रोहित शर्मा के 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। 39 वर्षीय बल्लेबाज के वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज से बाहर होने की अटकलें भी थीं। लेकिन BCCI की हालिया समीक्षा बैठक के बाद इन चिंताओं को कुछ हद तक समाप्त किया गया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित के हालिया प्रदर्शन की सराहना करते हुए संकेत दिया कि उनकी जगह को लेकर कोई तत्काल खतरा नहीं है।
सैकिया ने मुंबई में हुई बैठक के बाद कहा कि रोहित लगातार बेहतरीन क्रिकेट खेल रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब एक बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो उसके भविष्य को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है। उन्होंने अटकलों को और बढ़ावा नहीं देना चाहा।
लॉर्ड्स में यादगार शतक
रोहित ने जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान अपना पिछला वनडे मैच खेला था। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मैच में उन्होंने 110 गेंदों पर 138 रन बनाए, जिसमें 17 चौके और पांच छक्के शामिल थे। इस शतक के साथ, वह लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने।
BCCI की बैठक में प्रमुख नाम
BCCI की बैठक में सचिव देवजीत सैकिया, मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल, T20I कप्तान श्रेयस अय्यर और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के प्रमुख VVS लक्ष्मण शामिल हुए। मुख्य चयनकर्ता व्यक्तिगत कारणों से बैठक में उपस्थित नहीं थे। इस बैठक में खिलाड़ियों की फिटनेस, कार्यक्रम और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
चोटों से जूझती टीम इंडिया
भारतीय टीम इस समय कई खिलाड़ियों की चोटों से परेशान है। हार्दिक पांड्या सहित कई खिलाड़ी फिटनेस समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जसप्रीत बुमराह, नीतिश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा का अफगानिस्तान T20I सीरीज में खेलना भी फिटनेस मंजूरी पर निर्भर है। सैकिया के अनुसार, लगातार मैच और लंबे IPL कार्यक्रम का खिलाड़ियों की फिटनेस पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
भविष्य के FTP में आराम की योजना
सैकिया ने बताया कि BCCI अगले Future Tours Programme में खिलाड़ियों के workload को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने पर ध्यान दे रहा है। बोर्ड चाहता है कि खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले और विदेशी दौरों की परिस्थितियों के अनुकूल होने का समय भी मिले। SENA देशों में बड़ी सीरीज से पहले अभ्यास मैचों की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है। चोट से लौटने वाले खिलाड़ियों के लिए वापसी का प्रोटोकॉल भी तैयार किया गया है।
