Newzfatafatlogo

लंका प्रीमियर लीग 2026: मनजोत कालरा की जमानत याचिका खारिज

लंका प्रीमियर लीग 2026 से जुड़े मैच फिक्सिंग मामले में मनजोत कालरा की जमानत याचिका को कोलंबो की अदालत ने खारिज कर दिया है। उनके साथ गिरफ्तार युवराज पुष्पा भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे। जांच अभी जारी है, जिसमें कई खिलाड़ियों से संपर्क करने के आरोप हैं। अदालत ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया है। इस मामले में शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
 | 

नया मोड़ लंका प्रीमियर लीग मामले में


लंका प्रीमियर लीग 2026 से संबंधित मैच फिक्सिंग के मामले में एक नया मोड़ आया है। भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर और जाफना किंग्स के सह-मालिक मनजोत कालरा की जमानत याचिका को कोलंबो की अदालत ने अस्वीकृत कर दिया है। उनके साथ गिरफ्तार भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे। जांच एजेंसियों ने बताया है कि मामले की जांच अभी भी जारी है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पुष्टि होना बाकी है।


अदालत ने जमानत देने से किया इनकार

कोलंबो के मुख्य मजिस्ट्रेट असंगा एस. बोदारगामा की अदालत में मनजोत कालरा और युवराज पुष्पा ने जल्दी रिहाई की मांग की थी। बचाव पक्ष ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का हवाला देते हुए चिकित्सा आधार पर जमानत की अपील की। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हिरासत के आदेश को बनाए रखा और जमानत देने से मना कर दिया।


जांच प्रक्रिया अभी अधूरी

अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि श्रीलंका पुलिस की खेल अपराध जांच इकाई अभी तक मामले की जांच पूरी नहीं कर पाई है। अधिकारियों के अनुसार, कई खिलाड़ियों से कथित तौर पर मैच प्रभावित करने के लिए संपर्क किया गया था। इसी कारण से जांच को आगे बढ़ाना आवश्यक समझा गया और अदालत ने जांच पूरी होने तक आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया।


शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़ी

शुरुआत में तीन श्रीलंकाई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने कथित संपर्क की शिकायत दर्ज कराई थी। अब दो घरेलू क्रिकेटर भी इस मामले में शामिल हो गए हैं, जिससे शिकायतकर्ताओं की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है।


रिकॉर्डिंग और वीडियो की जांच जारी

अभियोजन पक्ष का दावा है कि जांचकर्ताओं के पास फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और कुछ वीडियो फुटेज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मनजोत कालरा की ओर से किसी खिलाड़ी को रिश्वत देने का कोई ठोस सबूत नहीं है।


जाफना किंग्स में बदलाव

यह मामला लंका प्रीमियर लीग के छठे सीजन के दौरान सामने आया। इसी बीच, वित्तीय दायित्व पूरे नहीं होने का हवाला देते हुए जाफना किंग्स की फ्रेंचाइजी से जुड़ा समझौता समाप्त कर दिया गया। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट और लीग प्रबंधन ने टीम का संचालन अपने हाथ में ले लिया। हालांकि, टीम मौजूदा खिलाड़ियों के साथ टूर्नामेंट में खेलना जारी रखे हुए है।