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लवप्रीत सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता सिल्वर मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में लवप्रीत सिंह ने वेटलिफ्टिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। वह गोल्ड से केवल एक किलो दूर रह गए, जब न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने अंतिम लिफ्ट में बाजी पलट दी। लवप्रीत ने अपने मेडल को अपने कोच और सहयोगियों को समर्पित किया और अब उनका ध्यान एशियन गेम्स पर है। इस बीच, युवा वेटलिफ्टर मार्टिना देवी ने भी संघर्ष किया, लेकिन पदक जीतने में असफल रहीं।
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भारत के लवप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ग्लासगो में, भारतीय वेटलिफ्टर लवप्रीत सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने गोल्ड के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया, लेकिन न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटी ने अंतिम लिफ्ट में बाजी पलट दी। इस जीत के साथ भारत के खाते में वेटलिफ्टिंग में नौवां पदक जुड़ गया।


गोल्ड से सिर्फ एक किलो की दूरी

पुरुषों के 110+ किलोग्राम वर्ग का फाइनल रोमांचक रहा। लवप्रीत ने स्नैच में 176 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार शुरुआत की और डेविड लिटी पर 10 किलो की बढ़त बना ली। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 212 किलोग्राम उठाकर कुल 388 किलोग्राम का स्कोर बनाया। ऐसा लग रहा था कि गोल्ड भारत के पास आएगा, लेकिन डेविड ने अपने अंतिम प्रयास में 223 किलोग्राम उठाकर कुल 389 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। इस प्रकार लवप्रीत केवल एक किलो के अंतर से गोल्ड से चूक गए और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।


भविष्य के प्रति आशावादी

मुकाबले के बाद लवप्रीत ने कहा कि गोल्ड से केवल एक किलो दूर रह जाना हमेशा याद रहेगा। उन्होंने बताया कि यदि उनका तीसरा क्लीन एंड जर्क प्रयास सफल होता, तो परिणाम अलग हो सकता था। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के दिन प्रदर्शन में कमी आई, जबकि ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने इससे अधिक वजन उठाया है। लवप्रीत ने अपने मेडल को कोच विजय शर्मा, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ, भारत सरकार और भारतीय नौसेना के कैप्टन विजय कुमार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के सहयोग से वह इस स्तर तक पहुंच सके हैं। अब उनका ध्यान अगले बड़े लक्ष्य एशियन गेम्स पर है।


मार्टिना देवी का संघर्ष

महिलाओं के +96 किलोग्राम वर्ग में भारत की युवा वेटलिफ्टर मार्टिना देवी पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन उन्होंने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया। शुरुआती दो स्नैच प्रयासों में असफल रहने के बाद, उन्होंने तीसरे प्रयास में 105 किलोग्राम वजन उठाकर शानदार वापसी की। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 140 किलोग्राम उठाया और कुल 245 किलोग्राम के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। उनका कुल वजन चौथे स्थान की खिलाड़ी के बराबर था, लेकिन काउंटबैक नियम के कारण उन्हें पांचवें स्थान पर रहना पड़ा।