हॉकी वर्ल्ड कप 2023: भारत की टीम स्वतंत्रता दिवस पर वेल्स के खिलाफ उतरेगी
हॉकी वर्ल्ड कप का आगाज
हॉकी वर्ल्ड कप 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है, जिसमें भारतीय पुरुष टीम वेल्स के खिलाफ अपने पहले मैच में उतरेगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम का लक्ष्य 51 साल के सूखे को समाप्त करते हुए देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का उपहार देना है। भारत ने 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को हराकर अपना एकमात्र वर्ल्ड कप जीता था।
भारतीय टीम की चुनौती
भारतीय टीम ने 1971 में ब्रॉन्ज और 1973 में सिल्वर मेडल जीते थे, लेकिन पिछले 51 वर्षों में वे पोडियम पर जगह बनाने में असफल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार भारतीय टीम के पास सुनहरा अवसर है। ग्रुप स्टेज में भारत (8वीं रैंकिंग) के सामने केवल इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही चुनौती पेश कर सकता है, जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान पर है। हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम मेडल जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
'ओलंपिक की तरह वर्ल्ड कप में भी खत्म होगा सूखा'
हरमनप्रीत ने कहा कि उनकी टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ वर्ल्ड कप में उतरेगी, जैसे पिछले दो ओलंपिक में थी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक मेडल जीतने के बाद, इस बार वर्ल्ड कप में 51 साल की कमी को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने टॉप टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।'
8 नए खिलाड़ियों का वर्ल्ड कप डेब्यू
भारतीय टीम ने हाल ही में राजगीर में एशिया कप जीता था, लेकिन पिछले प्रो लीग सीजन में वह 9 टीमों में केवल पाकिस्तान के ऊपर आठवें स्थान पर रही थी। हालाँकि, वर्ल्ड कप से पहले टीम ने FIH प्रो-लीग के यूरोप लेग में मौजूदा वर्ल्ड और यूरोपीय चैंपियन जर्मनी को हराया। कोच क्रेग फुल्टन ने 33 खिलाड़ियों का परीक्षण करने के बाद वर्ल्ड कप टीम का चयन किया, जिसमें मनप्रीत सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं, जबकि यशदीप सिवाच, मोहित एचएस और शिलानंद लाकड़ा समेत 8 खिलाड़ियों का यह पहला वर्ल्ड कप होगा।
टीम हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार
स्विट्जरलैंड में बूट कैंप के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बाद भारतीय टीम के मानसिक कोच पैडी ऑप्टन ने कहा कि मेडल के बारे में सोचने के बजाय मैच दर मैच रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, 'हमने इस टीम को हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार किया है। मुझे विश्वास है कि ओलंपिक के बाद वर्ल्ड कप में भी पदक जीत सकते हैं।'
श्रीजेश के संन्यास के बाद पहला बड़ा टूर्नामेंट
दिग्गज गोलकीपर पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है। युवा गोलकीपर्स मोहित एचएस और सूरज करकेरा के लिए चुनौती आसान नहीं होगी। डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव महत्वपूर्ण होगा। मिडफील्ड में मनप्रीत और हार्दिक सिंह जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं, जबकि फॉरवर्ड पंक्ति में अभिषेक और मनदीप पर नजरें रहेंगी।
एशियन गेम्स से पहले अच्छे प्रदर्शन की आवश्यकता
भारतीय टीम ने पिछले दो वर्ल्ड कप में छठे और आठवें स्थान पर रहकर मेजबानी की थी। इस बार अच्छा प्रदर्शन एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के लिए आवश्यक होगा, जिससे लॉस एंजेलेस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया जा सके। मैदान पर अच्छा प्रदर्शन कई विवादों को भी पीछे छोड़ने में मदद करेगा।
