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इसरो ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया नया सेटेलाइट, छह और मिशनों की योजना

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में ईओएस-05 सेटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है, जो 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से तस्वीरें लेने में सक्षम है। यह भारत का पहला जियोसिंक्रोनस इमेजिंग सेटेलाइट है, जो पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर नजर रखने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। इसरो ने अगले चार महीनों में छह और मिशनों की योजना बनाई है। जानें इस लॉन्च के बारे में और क्या है इसके पीछे की रणनीति।
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इसरो का नया सेटेलाइट लॉन्च


नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक नया सेटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है, जो लंबे समय के बाद हुआ है। इस साल इसरो के पिछले अभियान विफल रहे थे, लेकिन अब इस सफल लॉन्च के बाद, संगठन ने अगले चार महीनों में छह और मिशनों को लॉन्च करने की योजना बनाई है। नया सेटेलाइट 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से तस्वीरें लेने में सक्षम है।


गुरुवार की रात दो बजकर 55 मिनट पर, इसरो ने ईओएस-05 इमेजिंग सेटेलाइट को श्रीहरिकोटा से जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा। यह सेटेलाइट जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट में रहकर तस्वीरें लेगा, जो भारत का पहला ऐसा सेटेलाइट है। इससे पहले सभी इमेजिंग सेटेलाइट निचली कक्षा में थे।


ईओएस-05 भारत और उसके आस-पास के क्षेत्रों की लगातार तस्वीरें भेजने में सक्षम होगा, जिससे पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर नजर रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह बाढ़, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के लिए भी उपयोगी होगा, जिससे आपदा की स्थिति का जल्दी पता लगाने और समय पर चेतावनी देने में सहायता मिलेगी।


इस सेटेलाइट की सफल लॉन्चिंग के बाद, इसरो के प्रमुख वी नारायणन ने बताया कि संगठन का इस साल छह और मिशनों को लॉन्च करने का लक्ष्य है। यह इसरो का लगभग आठ महीने बाद पहला लॉन्च है। इससे पहले जनवरी 2026 और मार्च 2025 में दो मिशन सफल नहीं हो पाए थे। ईओएस-05 को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के सेकेंड पैड से लॉन्च किया गया, और लॉन्च के लगभग 18 मिनट बाद इसे जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचा दिया गया।