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गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दिया बच्चे को जन्म

छिंदवाड़ा जिले में एक गर्भवती महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में बच्चे को जन्म दिया। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है, जहां परिजनों को खाट का सहारा लेना पड़ा। एम्बुलेंस की अनुपलब्धता और नदी पर पुल की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। जानें इस घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
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छिंदवाड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का मामला

छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक गर्भवती महिला के साथ हुई घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को एक बार फिर उजागर किया है। यहां प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए उसके परिवार को खाट का सहारा लेना पड़ा। रास्ते में ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।


एम्बुलेंस का इंतजार और चुनौतियाँ

जानकारी के अनुसार, अमरवाड़ा विकासखंड के हथौड़ा गांव की सविता विश्वकर्मा को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार ने तुरंत सरकारी एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया, लेकिन एम्बुलेंस काफी देर तक नहीं पहुंची। गांव और अस्पताल के बीच बहने वाली नदी और पुल की अनुपस्थिति ने परिजनों के लिए बड़ी बाधा उत्पन्न की।


खाट पर ले जाने का साहसिक प्रयास

जब कोई अन्य विकल्प नहीं बचा, तो परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर सविता को खाट पर लिटाया। चार युवकों ने खाट को अपने कंधों पर उठाया और नदी पार करने का प्रयास किया। उस समय नदी का जल स्तर कम था, जिससे किसी तरह रास्ता पार किया जा सका। हालांकि, नदी पार करते समय सविता की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उन्होंने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मां और नवजात की देखभाल की।


अस्पताल पहुंचने की कठिनाई

नदी पार करने के बाद भी अस्पताल पहुंचना आसान नहीं था। कच्चे रास्ते और एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण परिजनों ने मां और नवजात को बाइक पर अमरवाड़ा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को भर्ती कर आवश्यक उपचार शुरू किया।


डॉक्टर की प्रतिक्रिया

अमरवाड़ा के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. करुष ठाकुर ने बताया कि आशा कार्यकर्ता ने समय पर एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया था, लेकिन एम्बुलेंस निर्धारित समय पर नहीं पहुंच पाई। उन्होंने कहा कि नदी पर पुल नहीं होने के कारण परिजन महिला को खाट पर ले जा रहे थे और इसी दौरान प्रसव हो गया। अस्पताल में जांच के बाद मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई है।


सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग गर्भवती महिला को खाट पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव तक पक्की सड़क, नदी पर पुल और समय पर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध होती, तो गर्भवती महिला को इस तरह जान जोखिम में डालकर अस्पताल नहीं पहुंचाना पड़ता। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि देश के कई ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों के लिए कितनी बड़ी चुनौती बनी हुई है।