मध्य प्रदेश अस्पताल में महिला ने किया फर्श साफ, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
वीडियो में दिखी महिला की दयनीय स्थिति
मध्य प्रदेश का वायरल वीडियो: सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के दावों के बीच दमोह जिला अस्पताल का एक वीडियो चर्चा का विषय बन गया है। इस वीडियो में एक महिला अस्पताल के फर्श पर पोंछा लगाते हुए नजर आ रही है। बताया गया है कि वह अपने बीमार बेटे का इलाज कराने आई थी। वीडियो के वायरल होने के बाद अस्पताल की सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सफाई कर्मचारियों की तैनाती पर सवाल
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अस्पताल में सफाई के लिए 55 कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिसमें 52 सफाईकर्मी और 3 सुपरवाइजर शामिल हैं। इसके अलावा, इस व्यवस्था के लिए संबंधित एजेंसी को हर महीने लगभग 8 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में मरीज के परिजन से सफाई कराने पर लोगों ने इस व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
महिला का आरोप और वायरल वीडियो
जानकारी के अनुसार, तेजगढ़ क्षेत्र के सिमरिया गांव की 58 वर्षीय महिला अपने बेटे को डायरिया के कारण जिला अस्पताल लेकर आई थीं। महिला का आरोप है कि जब फर्श गंदा था, तो ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उनसे पोंछा लगाने को कहा। इसी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अस्पताल में कर्मचारियों की उपलब्धता और सरकारी धन के उपयोग पर सवाल उठाए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने वायरल वीडियो के संदर्भ में अलग जानकारी दी है।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रदेशवासियों,
यह दृश्य #दमोह के सरकारी अस्पताल का है!
पोंछा लगा रही महिला मरीज़ की मां है!
यह लाचारी की इंतहा है!मुख्यमंत्री जी,
क्या स्टाफ नहीं है?
या तनख्वाह नहीं मिल रही है?
या धन करप्शन-कमीशन में जा रहा है?@DrMohanYadav51 pic.twitter.com/8eyp4bWrRV— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 11, 2026
जिला अस्पताल के अधीक्षक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो लगभग डेढ़ महीने पुराना है। उनका कहना है कि कर्मचारियों से पूछताछ में पता चला कि सफाईकर्मी पहले ही सफाई कर चुका था और महिला ने खुद दोबारा सफाई करने की बात कही थी। प्रशासन ने वीडियो के जरिए अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाने की आशंका भी जताई है।
जांच और कार्रवाई
सिविल सर्जन डॉ. पहलाद पटेल ने मामले में संबंधित नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
