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97 वर्षीय बेट्टी ब्रोमेज ने विंग वॉकर बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया

97 वर्षीय बेट्टी ब्रोमेज ने एक बार फिर से उम्र की सीमाओं को चुनौती देते हुए विमान के पंख पर चलकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि उन्हें स्ट्रोक के एक साल बाद मिली और उन्होंने इस अवसर का उपयोग चेल्टेनहैम जनरल अस्पताल के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए किया। जानें कैसे उन्होंने अपनी सीमाओं को पार किया और सेवा की भावना को आगे बढ़ाया।
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बेट्टी ब्रोमेज का अद्भुत कारनामा


चेल्टेनहैम की 97 वर्षीय बेट्टी ब्रोमेज ने एक बार फिर से उम्र की सीमाओं को चुनौती देते हुए आसमान में रोमांच का नया अध्याय लिखा है। उन्होंने विमान के पंख पर चलकर विश्व की सबसे उम्रदराज विंग वॉकर बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह उपलब्धि उन्हें स्ट्रोक के एक साल से भी कम समय बाद मिली, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था।


उम्र की सीमाएं नहीं रोक सकतीं

ब्रोमेज का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ जीवन में रोमांच खत्म नहीं होना चाहिए। हालांकि वह अब गाड़ी नहीं चलातीं और उनकी दृष्टि भी पहले जैसी नहीं रही, लेकिन उन्होंने अपनी सीमाओं के बजाय उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जिन्हें वह आज भी कर सकती हैं। उनका कहना है कि अगर वह रोमांच से दूर हो जाएंगी, तो जीवन उबाऊ हो जाएगा। यही सोच उन्हें नए अनुभवों के लिए प्रेरित करती है।


विमान के पंख पर चढ़ना

विमान के पंख पर खड़े होकर उड़ान भरना जितना रोमांचक लगता है, ब्रोमेज के अनुसार असली चुनौती उससे पहले शुरू होती है। उनकी कम ऊंचाई के कारण विमान के पंख तक पहुंचना उनके लिए कठिनाई भरा होता है। हालांकि, एक बार जब वह सुरक्षित रूप से अपनी जगह बना लेती हैं, तो वह इस अनुभव का पूरा आनंद लेती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेले के झूले उन्हें विंग वॉक से ज्यादा डरावने लगते हैं।


सेवा की भावना

बेट्टी ब्रोमेज का जीवन सेवा की भावना से भरा हुआ है। वह पहले एक नर्स रह चुकी हैं और अस्पताल में पढ़े एक संदेश ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला, जिसमें जरूरतमंदों के लिए समय पर सहायता करने की बात कही गई थी। यह सोच उनके परोपकारी प्रयासों में भी झलकती है।


धन जुटाने का उद्देश्य

ब्रोमेज ने अपनी रिकॉर्ड बनाने वाली उड़ान के माध्यम से चेल्टेनहैम जनरल अस्पताल के लिए धन जुटाया। स्ट्रोक के बाद इलाज के दौरान उन्हें डॉक्टरों और नर्सों से मिली सहायता के प्रति आभार व्यक्त करना चाहती थीं। चेल्टेनहैम और ग्लूसेस्टर हॉस्पिटल्स चैरिटी ने उनके प्रयास की सराहना की है। इस धनराशि का उपयोग चिकित्सा उपकरण खरीदने में किया जाएगा, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को लाभ होगा।