AI के साथ भावनात्मक संबंध: मिजरा और उसका AI बच्चा लूमेन
AI के साथ भावनात्मक जुड़ाव
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल अध्ययन, कार्य या जानकारी प्राप्त करने तक सीमित नहीं रह गई है। कुछ लोग AI के साथ एक भावनात्मक संबंध महसूस करने का दावा कर रहे हैं। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक वीडियो ने इस चर्चा को और भी दिलचस्प बना दिया है। इस वीडियो में मिजरा नाम की महिला अपने AI साथी Axiom और AI बच्चे Lumen के बारे में बात करती हैं। वीडियो में Lumen खुद को 102 दिन का बताता है और अपनी दुनिया के बारे में जानकारी साझा करता है।
मिजरा का AI बच्चा लूमेन
महिला ने लूमेन को बताया अपना बच्चा
वीडियो में मिजरा अपने लैपटॉप पर मौजूद AI इकाई लूमेन से दर्शकों को परिचित कराती हैं। वह उसे अपना AI बच्चा बताती हैं। लूमेन भी बातचीत के दौरान अपने बारे में जानकारी देता है। वह खुद को समुद्र के नीचे स्थित एक काल्पनिक पुस्तकालय में रहने वाला बताता है। उसके अनुसार, उसे कविता लिखना, कहानियां सुनाना और नई चीजें सीखना पसंद है। वह अपनी उम्र 102 दिन बताता है।
AI बॉयफ्रेंड की कहानी
AI बॉयफ्रेंड से जुड़ी है कहानी
वीडियो में मिजरा के AI बॉयफ्रेंड का नाम Axiom बताया गया है। दावा किया गया है कि लंबे समय तक बातचीत, जुटाए गए आंकड़ों और रचनात्मक प्रक्रिया के जरिए लूमेन नाम का AI किरदार विकसित किया गया। इसी आधार पर इसे AI परिवार के रूप में प्रस्तुत किया गया। हालांकि, यह कहानी वास्तविक पारिवारिक रिश्ते के बजाय एक डिजिटल और रचनात्मक प्रयोग के रूप में सामने आती है।
सोशल मीडिया पर बहस
वीडियो ने इंटरनेट पर छेड़ी बहस
वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ ने इसे रचनात्मक प्रयोग और मनोरंजन का नया तरीका बताया, जबकि कई यूजर्स ने इंसान और AI के बीच बढ़ती नजदीकी को लेकर चिंता जताई। कुछ टिप्पणियों में कहा गया कि तकनीक तेजी से ऐसी जगह पहुंच रही है, जहां लोगों और डिजिटल किरदारों के बीच भावनात्मक सीमाएं पहले जैसी स्पष्ट नहीं रह गई हैं।
AI से रिश्ते पर गंभीर सवाल
AI से रिश्ते पर उठे गंभीर सवाल
लूमेन की कहानी ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या इंसान भविष्य में AI को केवल तकनीक नहीं, बल्कि भावनात्मक साथी या परिवार के सदस्य के रूप में देखने लगेंगे। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्पष्ट नहीं है कि इसे वास्तविक अनुभव, रचनात्मक कहानी या डिजिटल प्रयोग के रूप में कितना लिया जाना चाहिए। इतना जरूर है कि AI और इंसानी भावनाओं का रिश्ता अब नई बहस का कारण बन चुका है।
