आशना दोशी: गूगल की नौकरी छोड़कर उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने वाली युवा इंजीनियर
एक अलग रास्ता चुनने की प्रेरणा
जहां अधिकांश युवा प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी पाने का सपना देखते हैं, वहीं भारतीय मूल की आशना दोशी ने एक अनोखा रास्ता चुना है। न्यूयॉर्क में रहने वाली 23 वर्षीय इंजीनियर ने गूगल जैसी बड़ी कंपनी की नौकरी छोड़कर उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा है। उनका मानना है कि जीवन में कुछ निर्णय केवल सुविधा के आधार पर नहीं लिए जाने चाहिए। उन्होंने पॉडकास्टिंग और एआई आधारित स्टार्टअप को अपने भविष्य के रूप में चुना है। यह निर्णय जोखिम भरा है, लेकिन उनके लिए यह अपने सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गूगल तक पहुंचने का सफर
आशना दोशी को फरवरी 2024 में अपनी पढ़ाई पूरी करने से पहले ही गूगल से नौकरी का प्रस्ताव मिला था। हालांकि, प्रारंभिक पद कैलिफोर्निया में था, जबकि वह न्यूयॉर्क में काम करना चाहती थीं। उस समय नौकरी का बाजार चुनौतीपूर्ण था, फिर भी उन्होंने अपनी पसंद के लिए इंतजार करने का निर्णय लिया। कुछ महीनों बाद, उन्हें न्यूयॉर्क में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की भूमिका की पेशकश मिली, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इस अनुभव ने उन्हें यह सिखाया कि सही अवसर के लिए धैर्य रखना भी सफलता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पॉडकास्टिंग के नए अवसर
गूगल में काम करते हुए आशना को यह एहसास हुआ कि उनकी रुचि केवल तकनीकी कार्यों तक सीमित नहीं है। उन्हें लोगों की कहानियां सुनना, अनुभवों को समझना और नए विचारों पर चर्चा करना पसंद था। इसी सोच के तहत, उन्होंने 2025 की शुरुआत में अपने एक साथी इंजीनियर के साथ '0 to 1' नाम का पॉडकास्ट शुरू किया। इस मंच पर उन्होंने उद्यमियों, इंजीनियरों, अधिकारियों और रचनात्मक लोगों से बातचीत की। एक वर्ष के भीतर, पॉडकास्ट को एक लाख से अधिक यूट्यूब व्यूज मिले और इससे उन्हें उद्योग जगत के कई वरिष्ठ लोगों से जुड़ने का अवसर मिला।
उद्यमिता की ओर कदम
समय के साथ, आशना को यह महसूस हुआ कि वह अपने काम के परिणामों को सीधे देखना चाहती हैं। उन्होंने समझा कि बड़ी कंपनी में काम करते हुए वह एक विशाल व्यवस्था का केवल एक छोटा हिस्सा हैं। इसी सोच ने उन्हें अपनी स्टार्टअप यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मई में गूगल छोड़कर 'बाउंटी' नामक एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर फुलटाइम काम शुरू किया। यह प्लेटफॉर्म कंपनियों को विशेष कार्यों के लिए परिणाम आधारित सेवाएं प्रदान करने की दिशा में विकसित किया जा रहा है। पॉडकास्ट से मिले नेटवर्क और अनुभव ने भी इस बदलाव को आसान बनाया।
जोखिम के बावजूद आत्मविश्वास
आशना मानती हैं कि यह निर्णय आर्थिक रूप से आसान नहीं है। उनका स्टार्टअप अभी शुरुआती चरण में है और पॉडकास्ट से भी आय शुरू नहीं हुई है। फिर भी, वह अपने निर्णय को सही मानती हैं। उनका कहना है कि कभी-कभी आर्थिक सुरक्षा हमें आराम देती है, लेकिन नए अवसरों की ओर बढ़ने से भी रोक सकती है। उनके अनुसार, सबसे बड़ा डर नौकरी छोड़ना नहीं था, बल्कि यह सोचते रहना था कि अगर उन्होंने अपने सपनों का पीछा किया होता तो क्या हासिल कर सकती थीं। यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
