Newzfatafatlogo

कर्मचारी की तबीयत पर बॉस का अनोखा जवाब, वर्कप्लेस पर इंसानियत की मिसाल

एक महिला कर्मचारी की तबीयत खराब होने पर उसके बॉस ने उसे छुट्टी लेने के लिए प्रेरित किया। Revv Growth के CEO कार्तिक राजा ने इस घटना को साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे रिमोट वर्क में मानवता की आवश्यकता है। उन्होंने कर्मचारियों को जीवन को प्राथमिकता देने का एक सरल नियम भी बताया। जानें इस प्रेरणादायक कहानी के बारे में और कैसे यह वर्कप्लेस पर एक नई सोच को जन्म देती है।
 | 

नई दिल्ली में एक प्रेरणादायक घटना


नई दिल्ली: रात के लगभग 11 बजे थे, जब एक महिला कर्मचारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसकी सबसे बड़ी चिंता यह थी कि उसकी सभी पेड छुट्टियाँ समाप्त हो चुकी थीं। वह इस दुविधा में थी कि सुबह काम पर जाए या छुट्टी ले। अंततः उसने अपने बॉस को मैसेज करने का साहस जुटाया।


बॉस का सकारात्मक उत्तर

बॉस ने क्या कहा?


यह कहानी Revv Growth के CEO कार्तिक राजा ने लिंक्डइन पर साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी एक कर्मचारी छुट्टी मांगने में संकोच कर रही थी क्योंकि उसके पास कोई लीव बैलेंस नहीं था। लेकिन कार्तिक ने उसे तुरंत आराम करने की सलाह दी। उन्होंने लिखा, "Don't think twice, Just take a leave" यानी "दोबारा मत सोचो, छुट्टी ले लो।"



रिमोट वर्क में मानवता की आवश्यकता

चेहरे के भाव से नहीं समझा जा सकता दर्द


कार्तिक ने इस पोस्ट के माध्यम से कार्यस्थल पर मानवता का एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा, "हमारी कंपनी पूरी तरह से रिमोट है, जहां सभी लोग घर से काम करते हैं। यहां कोई मैनेजर नहीं है जो आपके चेहरे के भाव देखकर आपकी परेशानी समझ सके। जब तक आप खुद नहीं बताएंगे, कोई नहीं जान पाएगा कि आप किस स्थिति में हैं।"


उन्होंने यह भी कहा कि लीडर्स को ऐसा माहौल बनाना चाहिए जहां कर्मचारी अपनी समस्याओं को साझा करने में संकोच न करें। "आपकी टीम कोई मशीन नहीं है। वे इंसान हैं जो आपके सपने को पूरा करने में दिन के आठ घंटे लगाते हैं।"


जीवन को प्राथमिकता देने का नियम

काम से पहले जीवन


कार्तिक ने अपनी कंपनी का एक सरल नियम भी साझा किया, जो लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। उन्होंने कहा, "अगर आपकी जिंदगी में कुछ ऐसा चल रहा है जो काम से ज्यादा महत्वपूर्ण है, तो वह सच में काम से बड़ा है। ऐसी स्थिति में पूरा दिन छुट्टी लें और सैलरी भी पूरी मिलेगी। पहले अपनी समस्या का समाधान करें।" उनका मानना है कि काम तो कल भी हो जाएगा, लेकिन अगर किसी को यह एहसास दिला दिया जाए कि कंपनी उसकी कद्र नहीं करती, तो वह चोट कभी नहीं भरती।


कार्तिक की इस पोस्ट पर हजारों लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। खासकर वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग इससे खुद को जोड़ पा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि कर्मचारियों पर भरोसा करना ही उन्हें कंपनी से जोड़े रखता है, जबकि कई लोगों ने कहा कि आजकल ज्यादातर कंपनियां केवल काम पर ध्यान देती हैं, इंसान पर नहीं।