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केदारनाथ यात्रा में बुजुर्ग तीर्थयात्रियों पर हमला, पुलिस ने शुरू की जांच

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में केदारनाथ यात्रा के दौरान दो बुजुर्ग तीर्थयात्रियों पर हमले का मामला सामने आया है। मुंबई से आए यात्रियों के साथ खच्चर संचालकों ने कथित तौर पर मारपीट की। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया है। जानें इस घटना के सभी पहलुओं के बारे में।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हिंसा का मामला


उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा के दौरान मुंबई से आए दो बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई है। यह घटना जंगलचट्टी क्षेत्र में खच्चरों की आवाजाही को लेकर विवाद के बाद हुई, जिसमें तीन खच्चर संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने दोनों यात्रियों को लाठी-डंडों से पीटा। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।


घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, यह घटना 1 अक्टूबर को हुई। मुंबई के निवासी मानजी वाधजी वाविया और उनके साथी भानजी दामजी पैदल यात्रा करते हुए केदारनाथ धाम जा रहे थे। जंगलचट्टी के पास खच्चरों की आवाजाही को लेकर उनकी कुछ संचालकों से बहस हो गई। आरोप है कि इस विवाद के बाद तीन खच्चर संचालकों ने उन पर हमला कर दिया।


हमले का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में कुछ लोग बुजुर्ग यात्रियों पर डंडों से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दोनों बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। बाद में उनके सिर पर चोट के निशान और पट्टियां भी दिखती हैं। हालांकि, इस वीडियो के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


पुलिस कार्रवाई और चेतावनी

घटना के बाद, दोनों तीर्थयात्री सोनप्रयाग पुलिस स्टेशन पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन अज्ञात खच्चर संचालकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 115(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और घटना से जुड़े सबूत जुटाने में जुटी हुई है। रुद्रप्रयाग की एसपी नीहारिका तोमर ने कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सम्मान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चर चलाने वालों को यात्रियों के साथ उचित व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं।


यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के मुद्दे

यह घटना उस समय हुई है जब यात्रा मार्ग पर पैदल श्रद्धालुओं और घोड़ा-खच्चरों की आवाजाही के कारण कई जगह व्यवस्थाओं पर सवाल उठते रहे हैं। जंगलचट्टी, लिनचोली और भीमबली जैसे स्थानों पर पैदल यात्रियों और खच्चरों की आवाजाही के कारण रास्ते पर दबाव बना रहता है।