चीन के छात्र ने बचपन के दोस्त को दी 25 करोड़ की संपत्ति
नई दिल्ली में एक अनोखी कहानी
नई दिल्ली: चीन के शंघाई में एक 19 वर्षीय छात्र ने अपने माता-पिता की जगह अपने बचपन के दोस्त को लगभग 25 करोड़ रुपये की संपत्ति का उत्तराधिकारी बना दिया है। इस निर्णय ने सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, इस छात्र ने लगभग 20 मिलियन युआन की संपत्ति की कानूनी वसीयत तैयार की है।
इस संपत्ति में एक फ्लैट और बैंक में जमा राशि शामिल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उसने अपने माता-पिता के बजाय अपने बचपन के दोस्त को पूरी संपत्ति का वारिस बनाया है।
ली का निर्णय क्यों?
ली ने बताया कि उसके माता-पिता का तलाक कई साल पहले हो गया था और दोनों ने बाद में अलग-अलग विवाह कर लिए। हालांकि, उन्होंने उसे आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए संपत्ति दी, लेकिन बचपन में उसे माता-पिता का समय और भावनात्मक समर्थन नहीं मिला। इस कारण उनके बीच दूरी बढ़ गई। ली का कहना है कि उसके माता-पिता के नए जीवनसाथियों से उसका कोई भावनात्मक संबंध नहीं है और वह नहीं चाहता कि उसकी संपत्ति ऐसे लोगों के पास जाए जिनसे उसका कोई संबंध नहीं है।
ली के अनुसार, उसका बचपन का दोस्त हमेशा उसके साथ खड़ा रहा है। वह दोस्ती को केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि भरोसे की मजबूत डोर मानता है। इसी विश्वास के चलते उसने अपनी संपत्ति उसी दोस्त के नाम कर दी। उसका कहना है कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि विश्वास और साथ निभाने से भी बनते हैं।
इस निर्णय के पीछे की सोच
इस निर्णय के पीछे एक और कारण है। ली को एडवेंचर और खतरनाक खेलों का शौक है। उसका मानना है कि जीवन में कोई भी चीज़ निश्चित नहीं होती। इसलिए उसने पहले से तय कर लिया कि यदि भविष्य में उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी संपत्ति किसे मिलेगी। इसी सोच के साथ उसने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शंघाई स्थित वसीयत रजिस्ट्रेशन सेंटर में अपनी वसीयत दर्ज करवाई।
अधिकारियों की जानकारी
हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि ली की मृत्यु होती है, तो उसके दोस्त को 60 दिनों के भीतर कानूनी रूप से वसीयत स्वीकार करनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो इसे संपत्ति लेने से इनकार माना जाएगा। चीन के उत्तराधिकार कानून के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अपनी संपत्ति अपनी इच्छा से किसी दोस्त, संस्था या अन्य व्यक्ति के नाम कर सकता है।
